मीरानपुर कटरा के ग्राम लोहरगवां-भीकमपुर के बीच शारदा नहर रजवाहे की पटरी को काटती जेसीबी। स्रोत
मीरानपुर कटरा। लोहरगवां और भीखमपुर गांव के पास निकली शारदा नहर की पटरी को कुछ लोगों ने शुक्रवार की रात जेसीबी से काटने के बाद आगे बंधा लगा दिया। इससे नहर का पानी दोनों गांवों के तमाम खेतों में भर जाने से उनमें लगीं गेहूं, आलू और सरसों की फसलें डूब गईं। शनिवार को सुबह किसान खेतों पर गए, तो उन्हें जानकारी हुई। उन्हाेंने थाने में तहरीर देकर नहर काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
लोहरगवां निवासी सतनाम सिंह और भीखमपुर गांव के दिवारी लाल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि कुछ लोगों ने उनके खेतों के बीच से निकलने वाली शारदा नहर की पटरी को जेसीबी मशीन से काट कर उसका पानी उनके खेतों में मोड़ने के लिए आगे अवरोध लगा दिया।
खेतों में पूरी रात नहर का पानी आने से हजारों क्यूसेक पानी भर गया। इस कारण पानी में डूबीं फसलें सड़कर नष्ट होने की आशंका बढ़ गई है। शनिवार को सुबह किसानों ने नहर कटने की सूचना फोन से नहर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दी। इसके बावजूद दिन में 1:30 बजे तक नहर बंद नहीं की गई और उसमें पानी चलता रहा।
दोनों किसानों ने बताया कि नहर के पानी में उनके 50 बीघा खेत में तैयार आलू की तैयार फसल डूबकर नष्ट हो गई। इससे उन्हें लगभग 20 लाख रुपये की क्षति हुई है। प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि नहर विभाग के अधिकारियों को किसानों की शिकायत से अवगत करा दिया है। इसलिए नहर विभाग की ओर से तहरीर मिलने पर आरोपियों पर रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी।
सिंचाई विभाग (शारदा नहर खंड) के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर ने जेसीबी से नहर काटे जाने को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इस बारे में क्षेत्र के अवर अभियंता और सिंचाई पर्यवेक्षक को मौके पर भेजकर जानकारी कराई जा रही है। उन्हाेंने बताया कि नहर की मरम्मत कराने के साथ जेई की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।