शाहजहांपुर। नगर निगम की ओर से लगाए गए बकाया जलकर को स्थायी लोक अदालत ने निरस्त करने का आदेश दिया है। बृजविहार कॉलोनी के रहने वाले अनिल कुमार की ओर से दायर वाद में अदालत ने जलकर की गणना कर वादी को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
बृजविहार कॉलोनी के रहने वाले अनिल कुमार ने नगर निगम के नगर आयुक्त के खिलाफ स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया था। उन्होंने बताया था कि उनका मकान 93 वर्गमीटर में है। इस भवन पर नगर निगम की ओर से बिना स्थलीय निरीक्षण किए 13 नवंबर 2016 को गृहकर व जलकर का बकाया 16128 रुपये अंकित करते हुए भेजा गया। यह पूरी तरह भ्रामक और असत्य तथ्यों पर आधारित है।
इसके खिलाफ उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी उन्हें राहत प्रदान नहीं की गई। वादी का भवन निर्माण सामान्य है जबकि उनके पास के अन्य भव्य भवनों का गृहकर व जलकर न्यून है। उन्होंने 19 जनवरी 2017 को प्रतिवादी को नोटिस भेजा और व्यक्तिगत रूप से भी मिला लेकिन अधिकारी केवल आश्वासन देते रहे।
वादी के मकान के पास पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन न होने के बावजूद जलकर की वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। इस कॉलोनी में वर्षों से पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही और सुविधाएं नहीं प्रदान की जा रहीं। स्थायी लोक अदालत के सदस्यों दीपक कुमार वर्मा, मोहम्मद सलीम अंसारी और अबुल कैश ने आदेश दिया कि 2014-15 से पूर्व वादी के भवन पर विधिविरुद्ध तरीके से अधिरोपित जलकर निरस्त किया जाता है। प्रतिवादी वर्ष 2014-15 से जलकर की गणना कर उसका बिल निर्णय की तिथि से एक माह के अंदर वादी को उपलब्ध कराए तथा वादी उसे नियमानुसार अदा करे।