शाहजहांपुर। थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला कृष्णानगर कॉलोनी के व्यापारी रवि खुराना (42) ने बुधवार सुबह मकान में पंखे में रस्सी बांधकर फंदा से लटककर जान दे दी। बताया गया कि एक बिस्किट कंपनी ने 22 लाख रुपये लेने के बाद भी रवि खुराना को माल की आपूर्ति नहीं की थी। इसके चलते वह मानसिक रूप से अवसाद में थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
रवि खुराना पंजाबी महासभा के कार्यकारिणी सदस्य, भाजपा हनुमत धाम मंडल के क्षेत्रीय संयोजक और वार्ड नंबर दो के बूथ अध्यक्ष भी थे। वह बिस्किट की सप्लाई का काम अपने घर से करते थे। बुधवार सुबह उनकी शिक्षिका पत्नी सोनिया सिविल लाइन स्थित लिटिल मिलेनियम स्कूल में पढ़ाने गई थी। मां विमला देवी कृष्णानगर मंदिर में पूजा करने गई थी। अकेले घर में करीब 11 बजे रवि ने कमरे में लगे पंखे में रस्सी का फंदा डालकर लटक गए।
उनकी मां घर लौटी तो बेटे का शव देखकर चीख पड़ीं। कुछ देर में आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। सूचना पर पहुंची सदर पुलिस ने शव फंदे से उतारा। तलाशी लेने पर पता चला कि कमरे में रवि खुराना ने सुसाइड नोट छोड़ा है। इसमें पंकज नाम के व्यक्ति पर 22 लाख रुपये लेने के बाद भी माल नहीं देने का आरोप लगाया। रवि अपने पीछे पांच साल का बेटा आरव खुराना और ढाई साल की बेटी मिट्ठी छोड़ गए हैं।
रवि मानसिक रूप से अवसाद में था। बिस्किट कंपनी द्वारा रुपये हड़पने की बात भी सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरवणन टी. सीओ सिटी।
सुसाइड नोट में यह है लिखा
रवि खुराना ने सुसाइड नोट में लिखा है कि कभी तीन-चार करोड़ का टर्न ओवर दिया करता था। अपने हिसाब के लिए मुझे यह कदम उठाना पड़ रहा है। पंकज ने 22 लाख रुपये लेकर माल देने की बात कही, जिसका साक्षी अजय सक्सेना है, जो कंपनी में एसआर पद पर कार्यरत है। मेरे बच्चों का हक उन्हें दिलवा दो। मैं अपनी दोनों बहनों से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। विनती करता हूं कि मेरे बच्चों का आप ध्यान रखना है और पंकज को नहीं छोड़ना। सभी दोस्तों और भाईयों से निवेदन करता हूं कि मेरे परिवार का साथ इस लड़ाई में देना।
छह साल पहले शुरू किया था काम
रवि खुराना के करीबी पूर्व सभासद कृष्ण गोपाल बिन्नू ने बताया कि छह साल पहले रवि ने ब्रांडेड बिस्किट का काम शुरू किया था। वह ब्रांड जब बाजार में छाने लगा तो कंपनी ने रवि को माल देने से इनकार करते हुए दूसरे को डीलरशिप दे दी। खराब हुए माल के बदले का रुपये भी नहीं लौटाए। बिन्नू बताते हैं कि सेल्समैन कई बार रवि से रुपये ले गया। कंपनी के पास 22 लाख रुपये तीन टुकड़ों में पहुंच चुके हैं, फिर भी कंपनी बिस्किट की सप्लाई देने को तैयार नहीं थीं। रोजी-रोटी चलाने के लिए रवि ने दूसरे ब्रांड के बिस्किट की सप्लाई शुरू की थी। उसमें इतनी ज्यादा आमदनी नहीं थी। रुपये फंसने के कारण रवि ाफी ज्यादा परेशान थे।
इंदौर वाली बहन से रुपये लेकर दिए थे
कोरोना काल के बाद से रवि की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई थी। कृष्ण गोपाल बिन्नू ने बताया कि हरिद्वार की बिस्किट कंपनी को रवि ने इंदौर निवासी बड़ी बहन सीमा से रुपये लेकर दिए थे। फिर भी कंपनी ने माल देने पर सहमति नहीं जताई। रवि की मौत की खबर सुनकर सीमा और कोर्टद्वार निवासी बहन सुरभि शाहजहांपुर के लिए चल दी हैं। परिजन ने बताया कि वह कंपनी और पंकज नाम के व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे।
बैंक से भी आया था रवि के पास फोन
बताते हैं कि एक तो रवि के पास बैंक से भी दो दिन पहले फोन आया था। इसमें उनसे लिमिट के आधार पर लिए रुपये को जमा करने के लिए कहा गया था। फोन आने के बाद से वह काफी ज्यादा परेशान हो गए थे।
फेसबुक स्टेटस अपडेट, लिखा -जिंदगी एक सफर है सुहाना...
रवि खुराना सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते थे। मौत से पहले उन्होंने फेसबुक पर स्टेटस अपडेट किया था, जिसमें जिंदगी एक सफर है सुहाना...गीत के साथ अपना फोटो लगाया था। आत्मघाती कदम उठाने से 18 घंटे पहले बच्चों के साथ सेल्फी भी अपलोड की थी। इसमें वह बच्चों के साथ काफी खुश नजर आ रहे थे।