शहर के उत्सव मैरिज लान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आज अंतिम दिन आचार्य प्रणव ने कहा कि भगवान राम का चरित्र है और भगवान श्रीकृष्ण की लीला कथा है। चरित्र अनुकरणीय है मानव मात्र को लीला कथा विचारणीय है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में माखन चोरी, चीर हरण, गोवर्धन तथा महारास लीला विलक्षण है।
आचार्य ने कहा कि इस देश में जितने भी महापुरुषों ने अवतार लेकर अपने चरित्र से लोगों को सत्मार्ग पर चलकर जीवन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा जीवन के मूल्यों से अवगत कराया। इस मौके पर राजीव त्रिवेदी, राजीव दीक्षित, सुरेंद्र सेठ, नंद किशोर खंडेलवाल, रोशनलाल तुली, ओमप्रकाश खंडेलवाल, हरी प्रसाद पांडेय, अखिलेश दीक्षित आदि मौजूद रहे।