शाहजहांपुर। नागपंचमी व सावन के तीसरे सोमवार को शिवालयों में हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयकारों के बीच शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। ऊँ नम: शिवाय का जाप कर शिव को प्रसन्न किया। हर तरफ पूजन का थाल लिए श्रद्धालुओं का रेला शिवालयों की ओर बढ़ता दिखा।
कलान के पटना देवकली मंदिर, शहर के विसरात स्थित हनुमत धाम, टाउनहाल रोड स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर, चौक के चौकसीनाथ मंदिर, मोहनगंज स्थित संकट मोचन मंदिर, जेल रोड स्थित शिव मंदिर, बाबा बनखंडी नाथ मंदिर, उस्मानबाग चौकी स्थित श्री रुद्र बालाजी धाम, निगोही रोड स्थित शिव मंदिर, पुवायां रोड स्थित शिव मंदिर, पुलिस लाइन मंदिर, सिंधौली के त्रिलोकीनाथ धाम पर सुबह से ही श्रद्धालु भोले बाबा के दर्शन के लिए लाइन में लग गए थे।
लंबी लाइन के बाद शिवभक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर बाबा का आशीर्वाद लिया। सड़कों पर शिवभक्तों की भीड़ के चलते जाम जैसी स्थिति बनी रही। यही हाल शाम को भी रहा। सुरक्षा की दृष्टि से सुबह से ही मंदिरों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। एसपी सौरभ दीक्षित के अलावा एसपी सिटी देवेंद्र कुमार, सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी, सीओ सदर शुभम वर्मा, सीओ जलालाबाद दीपक सिंह, सीओ तिलहर विदुष सक्सेना, सीओ पुवायां प्रवीण मलिक ने मंदिरों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
हर-हर बम-बम का उद्घोष कर दिनभर निकलते रहे कांवड़िये
कांवड़ लेकर जाने वालों के साथ ही जलाभिषेक कर लौटने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाने से कांवड़ मार्ग पर खासी भीड़ रही। डीजे पर बजते भजनों के साथ नृत्य करते कलाकार कांवड़ यात्रा का मुख्य आकर्षण रहे। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया गया। सोमवार को कांवड़ियों के रूट पर डायवर्जन लागू रहा।
अधिकारियों ने कांवड़ियों से संवाद कर कुशलक्षेम जानी
एसपी सौरभ दीक्षित के अलावा अन्य अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस बल को पूरी सतर्कता, सजगता एवं संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। साथ ही कांवड़ यात्रियों से संवाद कर उनकी कुशलक्षेम जानी। इसके साथ ही वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने, यातायात नियमों का पालन करने व कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया।
सोमवार को बाबा विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
सोमवार को बाबा विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद