मिले बजट से कराए काम का निकायों से मांगा ब्योरा
डीएम विजय किरन आनंद ने जिले के सभी निकायों के अधिशासी अधिकारियों से विभिन्न मदों में मिले बजट से कराए गए काम का ब्योरा तलब किया है। साथ ही हर निकाय की संपत्ति का विवरण तलब किया है। सभी निकायों में विकास कार्यों के लिए आए 150 करोड़ रुपये से कराए गए कामों का ब्योरा मांगा गया है। ये काम कहां - कहां हुए उसका भी विस्तृत ब्योरा मांगा है। हर निकाय में ग्रीन बेल्ट पार्क बनाने का निर्देश दिया है और इस संबंधी जमीन देखने को कहा है। शाहजहांपुर शहर के शहीद पार्क में कमियों को गिनाते हुए उन्हें दूर कराने को कहा। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्थानीय निकायों के विभिन्न कार्यों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक में डीएम ने पाया कि सभी निकायों द्वारा 12 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। तत्काल सभी बकाया टैक्स की वसूली आरसी जारी कर ईओ को कराने का निर्देश दिया। बैठक में मौजूद कर अधीक्षक स्वकर प्रणाली के बारे में मुकम्मल जानकारी नहीं दे पाए। इस प्रणाली के बारे में पूरी जानकारी करने के साथ ही उसे लागू करने का निर्देश दिया। अवस्थापना निधि में आई राशि और उससे कराए गए निर्माण कार्यों की सूची सभी ईओ से मांगी है। राज्य वित्त आयोग से बची धनराशि का भी ब्योरा तलब किया गया है। समीक्षा में पाया कि जिले के सभी निकायों में कुल 14500 लाइटें लगी हैं। जिन मोहल्लों या स्थानों पर चोरी या अन्य आपराधिक घटनाएं ज्यादा हो रही हों, उनके बारे में पुलिस से जानकारी कर लाइटें लगवाने को कहा। नगर में सीवर लाइन बिछाने के लिए ऐसी योजना बनाने को कहा ताकि भविष्य में आबादी बढ़ने पर नया सीवर लाइन बिछाने की जरूरत न पड़े। बैठक में एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय, एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव समेत सभी एसडीएम भी मौजूद रहे।
कूड़ा बाहर फेंकने वालों का चालान होगा
निकायों की समीक्षा बैठक में सभी ईओ को शुक्रवार को डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि सभी नगर पालिका और नगर पांचायते 15 दिनों में उचित और सुव्यवस्थित कूड़ा प्रबंधन करके सूचित करें और उसके बाद यह खुद निकायों के मोहल्लों का भ्रमण जमीनी हकीकत जानेंगे। पालिकाओं के ईओ को निर्देश दिया कि जो भी कूड़ा बाहर फेंके या नालियों और रास्तों पर अवैध कब्जा करें उनके खिलाफ चालान करते हुए कार्यवाही करें। डोर टू डोर सफाई करने वालों को मोहल्लों में जाकर कूड़ा उठाने को कहा। ऐसे कमिर्यों की हाजिरी मौके पर हैं या नहीं, उनकी फोटो लोड होने पर विकसित साफ्टवेयर में स्वत: अंकित होगा। यह साफ्टवेयर विकसित करने वाले कंपनी से उन्होंने अधिशासी अधिकारी की वार्ता कराई और उससे इस संबंध में पूरा सहयोग लेने को कहा। कूड़ा ढोने वाले वाहनों को दिए जाने वाले डीजल का ब्योरा कंप्यूटर में फीड करने को कहा।