शाहजहांपुर। बहुचर्चित असिस्टेंट प्रोफेसर आलोक गुप्ता हत्याकांड में करीब डेढ़ साल बाद अदालत ने फैसला सुना दिया। एक दोषी को अदालत ने दस वर्ष कारावास की सजा दी है। उसके साथी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था।
मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के बाजार मोहल्ला निवासी आलोक गुप्ता सन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एवं टेक्नोलॉजी में असिस्टेंट प्रोफेसर थे। 19 सितंबर, 2023 को तड़के आलोक गुप्ता के घर लूट के इरादे से बदमाश घुस गए थे। जागने पर आलोक ने बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने चाकू से कई वार कर उनकी हत्या कर दी थी। इस दौरान पत्नी समेत अन्य परिवार वालों को भी चाकू मार दिया था।
परिजनों और मोहल्ले वालों ने बदमाश शाहबाज को पकड़कर पीटने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस उसे न्यायालय में पेश करने जा रही थी। तभी रास्ते में वाहन धीमा होने पर शाहबाज दरोगा की पिस्टल छीनकर भागने लगा था। पुलिस ने मुठभेड़ में उसे मार गिराया था। विवेचना के दौरान नाम प्रकाश में आने पर पुलिस ने उसके साथी सहरोज को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सहरोज के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा था। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश लवी यादव ने सहरोज को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।