विभागीय सूत्रों के अनुसार जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में भी टीईटी के संदिग्ध प्रमाणपत्रों की जांच शुरू कर दी गई है। डायट में ऐसे तमाम प्रमाण पत्र पाए गए हैं, जिनका डेटा नाट फाउंड लिखकर आ रहा है। उनकी गहनता से जांच करने पर पता चला कि कई प्रमाण पत्रों में टीईटी के रोल नंबर, नाम और पिता के नाम में गलतियां हुईं हैं, लेकिन इन लोगों की कंट्रोल आईडी और कंप्यूटर आईडी सही हैं। ऐसे अभ्यर्थियों की सूची बनाकर उन गलतियों को सही कराने का काम किया जा रहा है।
कलक्ट्रेट में गरजे टीईटी डिग्री धारक
शाहजहांपुर। यूपीटीईटी संघर्ष मोर्चा समिति के बैनर तले टीईटी पास डिग्रीधारकों ने बुधवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। साथ ही डीएम को ज्ञापन भी दिया। मोर्चा के पदाधिकारियों ने डीएम को बताया कि टीईटी के फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर तमाम अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पा ली है। मांग करते हुए कहा कि ऐसे फर्जी अभ्यर्थियों की जांच कराई जाए, जिससे पात्र लोगों को नौकरी मिल सके।
यूपीटीईटी के जिलाध्यक्ष सतीश सिंह ने बताया कि उन्होंने द्वितीय चयन सूची का मिलान माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी किए गए टीईटी-2011 के मूल परिणाम से किया। इस पर पाया कि कई अभ्यर्थियों का मूल सूची में कोई भी रिकार्ड ही नहीं मिला है। वहीं, तमाम अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनके अंक बढ़े हुए हैं। प्रदर्शन करने वाले टीईटी पास अभ्यर्थियों ने मांग की है कि प्रथम और द्वितीय सूची में चयनित हुए प्रशिक्षु शिक्षकों की टीईटी की डिग्री की मूल रिजल्ट से मिलाने कराके जांच कराने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में सिकंदर अली, राम निवास, संजीव कुमार, खालिद खां, वीरेंद्र पाल सिंह, शंकरलाल आदि मौजूद रहे।