शाहजहांपुर। आठ माह बाद फिर से आर्डनेंस क्लोदिंग फैक्टरी (ओसीएफ) में दिखाई देने वाला तेंदुआ आखिर कहां चला गया है। वन विभाग न तो उसके आने के रास्ते के बारे में पुष्टि कर पाया है और न ही जाने के। उसे आसपास इलाके में भी अभी तक नहीं देखा गया, लेकिन लोगों के जेहन में तेंदुए की दहशत बरकरार है। शायद इसी के मद्देनजर फैक्टरी की चहारदीवारी के बाहर कंटीले तारों की बनाई गई सेफ्टी बाड़ के बीच की जगह को साफ किया जा रहा है।
सेफ्टी बाड़ के बीच इस जगह पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां हो गईं थीं। पानी निकास को बनाई गईं पुलिया भी छिप गईं थीं। तेंदुआ की मौजूदगी की वजह से लोग दहशत में हैं। इसलिए सफाई का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि तेंदुआ इसमें पनाह न ले सके। हालांकि स्थानीय वन विभाग की टीम और दुधवा नेशनल पार्क व पीलीभीत टाइगर रिजर्व, वाइल्ड लाइफ की टीम यह आश्वस्त कर चुकी है कि तेंदुआ नहीं है। फिर भी लोगों में तेंदुआ की दहशत कम नहीं हुई है। लोगों का मानना है कि 70 एकड़ में फैले कैंट एरिया के इस जंगल में तेंदुआ कहीं किसी भी पेड़ पर बैठ सकता है। इसके लिए सबसे बड़ी बात यह है कि एक बार में यह इतना भोजन कर लेता है कि इसे एक सप्ताह तक दूसरा शिकार करने की जरूरत नहीं पड़ती है। जंगल में तमाम ऐसे पशु हैं, जिनका शिकार करके यह अपना पेट भर सकता है। शायद यहीं वजह रही है कि आठ माह पहले दिखाई देने वाला तेंदुआ एक बार फिर दिखाई देने के बाद आखिर कहां गुम हो गया।