शाहजहांपुर। किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मदनापुर थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर बताया कि 24 जुलाई 2017 को उसकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री घर से कोचिंग पढ़ने जाने के लिए टाटा मैजिक गाड़ी पर बैठी। उसके पास मोबाइल भी था। रोजाना की तरह शाम 6:30 बजे जब वह उसे लेने के लिए कोचिंग पहुंचा तो पता चला कि उस दिन उसकी बेटी कोचिंग पहुंची ही नहीं थी।
बाद में पुत्री का फोन भी स्विच ऑफ हो गया। वह अपनी पुत्री की तलाश करता रहा। तलाश के दौरान एक व्यक्ति ने उसे बताया कि उसने घटना के दिन किशोरी को दो लोगों के साथ जाते हुए देखा था। उसमें एक उनका एक बहनोई भी था। पता करने पर दोनों अपने घरों से लापता मिले। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट शिवकुमार तृतीय ने एक आरोपी को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।