शाहजहांपुर। 14 व 15 वर्ष तक की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लगने वाले टीकाकरण को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के लिए विभाग ने आशा वर्कर्स और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीमों को जिम्मेदारी दी है।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव को टीकाकरण के लिए जिले में दस हजार वॉयल भेजी गई थीं। इसके तहत ग्रामीण इलाकों में वैक्सीनेशन शुरू कराया गया। टीका लगवाने के लिए अभिभावकों की सहमति आवश्यक है, लेकिन भ्रांतियों के चलते कई बालिकाओं के परिजनों ने सहमति देने से इन्कार कर दिया। जिस वजह से टीकाकरण की रफ्तार सुस्त हो गई। भ्रांतियों को समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय किया है।
भ्रांतियां खत्म करने के लिए आशा वर्कर्स को घर-घर भेजा जाएगा। इसी तरह आरबीएसके की टीम भी स्कूलों में जाकर छात्राओं व शिक्षिकाओं को टीकाकरण से होने वाले लाभ को गिनाएंगी। इसके लिए माइक्रोप्लान तैयार किया गया है।
एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। भ्रांतियों को दूर करने के लिए आशा वर्कर्स व आरबीएसके की टीम को लगाया गया है।