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पड़ोसी जिले में पहुंचा टिट्टियों का दल, अफसरों की सांसें अटकीं रहीं

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शाहजहांपुर। टिड्डियों का दल सोमवार को बदायूं पहुंच गया, जिससे यहां के अफसरों की सांसें अटकी रहीं। टिड्डियों के हमले को देखते हुए जिले की सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने जलालाबाद और मंगलवार को पुवायां क्षेत्र में मॉकड्रिल की। इसमें किसानों को टिड्डियों से अपनी फसल बचाने के लिए जागरूक किया गया। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई है। टिट्टियों के दिखने की सूचना कंट्रोल को दी जा सकती है।
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एक तरफ पूरा विश्व कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की सीमा से देश में प्रवेश कर चुके टिड्डियों ने किसानों की फसलों को चौपट करना शुरू कर दिया है। एक दिन पहले ही टिड्डियों का दल पड़ोसी जिला बदायूं जनपद में देखा गया जिसने कई किसानों की फसल को चट कर डाला। इन टिड्डियों ने किसानों की ही नहीं प्रशासनिक अमले की नींद भी खराब कर रखी है। डीएम इंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर सीडीओ महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में आपदा दल का गठन किया गया है। इसमें उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी व जिला कृषि रक्षा अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। आपदा दल पूरे जिले में जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही टिड्डियों से फसलों को बचाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहा है। सोमवार को जहां जलालाबाद, तो वहीं मंगलवार को पुवायां क्षेत्र में मॉकड्रिल किया गया। टिड्डियों को फसलों पर बैठने से रोकने के लिए थाली, बर्तन आदि बजाने के साथ ही तुरंत इसकी सूचना ब्लॉक स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम को देने के लिए जागरूक किया गया।
हवा के साथ चलता है टिड्डियों का दल
- जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिवशंकर गौतम ने बताया कि एक दिन पहले टिड्डियों का दल बदायूं जिले में देखा गया। जोकि कछला होकर कासगंज की ओर चला गया है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। टिड्डियां हवा के रुख के साथ ही चलती हैं। इस समय हवा फर्रुखाबाद, बरेली की ओर चल रही है। इसलिए टिड्डियों का दल अभी जिले में नहीं आया है। मंगलवार को बलरामपुर की ओर ट्रेस किया गया है। इसकी सूचना मिलने पर पुवायां क्षेत्र में मॉकड्रिल की गई। जिले में इस समय ज्वार, बाजरा, मक्का आदि की फसल है। अगर टिड्डियां जिले में प्रवेश करती हैं, तो इन फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। कृषि रक्षा अधिकारी के मुताबिक नीम, आक और शीशम को छोड़कर टिड्डी सभी तरह की फसलों को चट कर जाती है। इनका वजन 6 से 7 ग्राम तक होता है, यह अपने वजन जितना ही भोजन करती हैं।
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ब्लॉक स्तरीय कंट्रोल रूम के नंबर
भावल खेड़ा 9411023417, कांट 9473995212, जलालाबाद 9450730023, कलान 9528585287, तिलहर 9897666382, जैतीपुर 8433134659, खुदागंज 8171268126, निगोही 9412380485, पुवायां 7838949559, बंडा 9761234474, सिंधौली 9705403929, कटरा 9410428378, खुटार 9412378200, ददरौल 9125195811, मिर्जापुर 9997556380
- टिड्डियों से जिले के किसानों की फसलों को बचाने के लिए गठित आपदा दल के द्वारा नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। इसके बाद कार्रवाई की जाती है। कृषि विभाग के सभी कर्मचारियों को इस कार्य में लगाया गया है। किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। - शिवशंकर गौतम, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, शाहजहांपुर
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