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Shahjahanpur News: बदनामी के डर से सामने नहीं आ रहे टीबी रोगी

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पुराना जिला अस्पताल परिसर में बना टीबी अस्पताल। संवाद
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शाहजहांपुर। 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस है। टीबी को जड़ से समाप्त करने के लिए काफी प्रयास करने के बाद भी सफलता नहीं मिल पा रही है। मलिन बस्तियों में टीबी के रोगी ज्यादा मिलते हैं। सर्वे करने वाले कर्मियों के अनुसार, समाज में बदनामी के डर से लोग सामने नहीं आते हैं। हालत खराब होने पर उनका उपचार किया जाता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी से अब तक 1647 नए मरीज खोजे गए हैं।
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क्षय रोग उन्मूलन के तहत रोगियों को घर-घर खोजने के लिए अभियान चलाए जाते हैं। घनी बस्तियों में मरीजों के अधिक होने की संभावना के चलते वहां पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाता है। यहां अशिक्षा व जागरूकता के अभाव के चलते टीबी रोगी दूरी बनाकर रहने के नियम का पालन नहीं करते। इससे टीबी का बैक्टीरिया फैलता है।
टीमों के पहुंचने पर मरीज खुलकर बात नहीं करते। लगातार खांसी आने, भूख नहीं लगने आदि जैसे लक्षण होने पर जांच में रोग की पुष्टि होती है, जिसके बाद छह महीने तक दवा खाने से लोग स्वस्थ हो जाते हैं।
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1647 जनवरी से अब तक मरीज खाेजे गए
4632 मरीज स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में दर्ज
18 मरीज एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) के जनवरी से अब तक मिले।

87 ग्राम पंचायतें टीबीमुक्त, आज मिलेगा प्रधानाें को सम्मान
जिले की 87 ग्राम पंचायतें टीबीमुक्त हो गईं हैं। इनके प्रधानों को मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में सम्मानित किया जाएगा। प्रधानाें को डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह महात्मा गांधी की प्रतिमा देकर सम्मानित करेंगे।

सरकार से मिलती हैं सुविधाएं
क्षय रोगियाें के लिए जिले में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। इन्हें अलग-अलग एनजीओ के माध्यम से गोद दिलाकर पोषण पोटली का वितरण कराया जाता है। इसके अलावा दवा को देकर फाॅलोअप भी किया जाता है।

टीबी के प्रमुख लक्षण
- 2-3 सप्ताह से अधिक समय तक खांसी आना।
- खांसी के साथ पीला/हरा बलगम या खून आना।

- विशेष रूप से शाम के समय बुखार आना।

-रात को सोते समय अत्यधिक पसीना आना।

-बिना किसी कारण के तेजी से वजन घटना।

- लगातार कमजोरी और थकान महसूस होना।

-सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द।



क्षय रोग मुक्त के लिए लगातार अभियान चल रहा है। इसमें 87 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त हो गईं हैं। तीन साल तक लगातार क्षय मुक्त ग्राम रहने पर प्रधान को गोल्ड मेडल दिया जाएगा। टीबी के लक्षण लगने पर जांच जरूर कराएं।
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- डॉ.विवेक मिश्रा, सीएमओ
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