शाहजहांपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 की तैयारी शुरू होने के साथ ही नगर निगम के सामने पिछले वर्ष के स्टार सिटी के दर्जे को बरकरार रखने की चुनौती होगी। सर्वेक्षण फरवरी-मार्च में होगा। ऐसे में कूड़ा प्रबंधन, शुद्ध जलापूर्ति, गड्ढामुक्त सड़कों के मानक को पूरा करना आसान नहीं होगा। अधिकारियों ने कमियों को ठीक करने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में नगर निगम 181वें स्थान पर था। बाद में सुधार करते हुए 33वें स्थान पर पहुंच गया और स्टार सिटी का दर्जा हासिल किया। इस दौरान हर वार्ड में कचरा ट्रैकिंग, सौ प्रतिशत कचरा प्रथक्करण, वैज्ञानिक ढंग से वेस्ट मैनेजमेंट, शहर में हरियाली को बढ़ावा देने के कारण शाहजहांपुर नगर निगम का प्रदर्शन बेहतर हुआ था।
इसके साथ घर-घर कूड़ा निस्तारण, स्वच्छता व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण और वाटर सोर्स हाइजीन के लिए काम हुआ था। इस वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को नगर निगम के अधिकारियों ने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए बैठक कर रूपरेखा बनाई।
सर्वेक्षण की रैंकिंग बिगाड़ने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रयास करने पर सहमति बनी और अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी बांटी गई। इस सर्वेक्षण में नागरिक फीडबैक का भी महत्वपूर्ण स्थान होता है, इसलिए लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में स्टार सिटी का दर्जा बरकरार रखने की राह में सबसे बड़ा अड़ंगा कूड़े का उचित प्रबंधन न होना है। इसके अलावा शहर की टूटी सड़कों और गलियों के कारण भी रैंकिंग बिगड़ सकती है।
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खोदी पड़ीं सड़कें, निर्माण की धीमी रफ्तार
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2024 में रैंकिंग बिगड़ने का सबसे बड़ा कारण सीवर लाइन डालने के लिए खोदी गईं सड़कों की समय से मरम्मत न होना पाना रहा था। इसी तरह वर्तमान में भी गैस पाइपलाइन डाले जाने के लिए कई स्थानों पर सड़क खोदकर डाल दी गई है। इस वजह से जाम की समस्या भी बनी रहती है। सीएम ग्रिड योजना के तहत शहीद अहमद उल्ला शाह पार्क से तेल टंकी तक ग्रीन रोड का निर्माण शुरू हुए एक साल से अधिक का समय हो गया है। लेकिन केवल 60 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। वहीं, दूसरी तरफ सदर चौराहा तक ग्रीन रोड का विस्तार करते हुए निर्माण के लिए दो मीटर से अधिक की सड़क को उखाड़ दिया गया है। खोदी पड़ीं सड़कों के कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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पहले बनेंगी गलियां, फिर मुख्य सड़क का होगा निर्माण
शहर में सीवर लाइन डालने का कार्य होने की वजह से अधिकतर सड़कें गड्ढायुक्त हो गईं। बरसात में सड़कों की स्थिति काफी ज्यादा खराब हो गई। नगर निगम ने शहर की प्रमुख सड़कों समेत वार्डों को जोड़ने वालीं 109 सड़कों को चिह्नित कर शासन को प्रस्ताव भेजा था। शहर में 75 करोड़ की लागत से 60 किमी लंबी सड़कें बनाई जाएंगी। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, कुछ सड़कों का इसमें चौड़ीकरण भी किया जाएगा। 12 फरवरी को टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनका निर्माण शुरू हो जाएगा। पहले क्षतिग्रस्त गलियों का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद मुख्य सड़कों को बनाया जाएगा। सड़कों के निर्माण के दौरान भी गंदगी, धूल-मिट्टी उड़ने के कारण सर्वेक्षण पर फर्क पड़ सकता है।
संसाधन अपर्याप्त, सिर्फ 35 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
मानक के अनुसार 10 हजार व्यक्तियों पर 28 सफाई कर्मचारी तैनात होने चाहिए। नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या चार लाख से अधिक है। नगर निगम में वर्तमान में नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग पर करीब 12 सौ कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में नगर निगम के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। नगर निगम क्षेत्र में करीब 130 टन कूड़ा रोजाना एकत्र किया जाता है। नगर निगम क्षेत्र में 60 वार्ड हैं, लेकिन करीब 35 वार्डों में ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन हो रहा है। 40 समितियों के माध्यम से भी कूड़ा उठान कराया जा रहा है। अभी सभी वार्डों में समितियों का गठन भी नहीं हो सका है। शहर में कूड़ा उठान की व्यवस्था के लिए 50 ई-रिक्शा लगाए गए हैं। इन पर घर-घर से कूड़ा कलेक्शन का जिम्मा है, लेकिन ये कुछ ही मोहल्लों में चल रहे हैं। इसके साथ ही कूड़ेदान भी गायब हो गए हैं। जिसकी वजह से गंदगी फैली रहती है।
स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए तैयारियां शुरू हो गईं हैं। सफाई व्यवस्था बेहतर करने पर लगातार काम हो रहा है। नागरिक फीडबैक में सुधार के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। जो कमियां हैं, उन्हें समय रहते दूर किया जाएगा। गत वर्ष से बेहतर रैंकिंग के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे।
एसके सिंह, अपर नगर आयुक्त
शाहजहांपुर में जीआईसी खेल मैदान के पास मुख्य सड़क पर गड्ढे में भरा पानी। संवाद
शाहजहांपुर में जीआईसी खेल मैदान के पास मुख्य सड़क पर गड्ढे में भरा पानी। संवाद