पुवायां (शाहजहांपुर)। जिले के पते पर बनवाकर लखीमपुर में दर्ज कराए गए शस्त्र लाइसेंसों में फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग किए जाने की आशंका है। पुवायां ब्लॉक क्षेत्र के जिन लोगों के नाम शस्त्र लाइसेंस लखीमपुर में दर्ज बताए गए हैं, वहां उस नाम के लोग रहते ही नहीं हैं।
उत्तराखंड एसटीएफ के एसएसपी ने लखीमपुर के जिला मजिस्ट्रेट को 12 लाइसेंसी शस्त्रधारकों के नाम की सूची भेजकर सत्यापन कराने और आख्या भिजवाने की मांग की थी। लखीमपुर में टीम बनाकर जांच कराई गई तो पता चला कि शस्त्र लाइसेंसों से संबंधित कार्य एक फर्म को दिया गया था। फर्म के कर्मचारी मोनू श्रीवास्तव ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऐसे लोगों को एनडीएएल, एलिस पोर्टल पर शस्त्र लाइसेंसों को ऑनलाइन करना, यूआइएन जनरेट करना, नवीनीकरण आदि का कार्य कर दिया जिनका पता शाहजहांपुर और उत्तराखंड का था।
जांच में मामला खुलने पर लखीमपुर कलक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी सुधीन सोनी ने मोनू श्रीवास्तव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में जिन शस्त्र लाइसेंसधारकों के नाम का उल्लेख किया है, उसमें पुवायां के मोहल्ला कसभरा मठिया की दीप्ति अग्रवाल, इसी मोहल्ले के पीयूष कुमार, नत्थापुर के गुरसेवक सिंह और गांव जेबा के अमित चौहान के बारे में गांव जाकर जानकारी की गई तो पता चला कि इन नामों के लोग यहां नहीं रहते हैं।
पुवायां पुलिस ने अभी मामले की जांच शुरू नहीं की है। पुलिस जांच के लिए लखीमपुर या उत्तराखंड पुलिस से पत्र मिलने का इंतजार कर रही है। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि जांच के लिए पत्र मिलने पर सूची में दर्ज लाइसेंसधारकों की जानकारी कराई जाएगी।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं फर्जी शस्त्र लाइसेंस
जिले में कई लोगों ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवा रखे थे। पिछले पांच वर्ष में कई बार फर्जी शस्त्र लाइसेंस पकड़े जा चुके हैं। मामले में शस्त्र अनुभाग के कर्मचारियों पर भी फर्जीवाड़ा करने के आरोप में कार्रवाई हो चुकी है। थाना सेहरामऊ उत्तरी पहले शाहजहांपुर जिले में था और बाद में पीलीभीत में शामिल किया गया। सेहरामऊ उत्तरी के शस्त्र लाइसेंसों का रजिस्टर गायब होने का लाभ उठाते हुए सेहरामऊ उत्तरी के गांवों के फर्जी पते देकर लाेगों ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवा लिए थे और बाद में दूसरे जिलों में रहना दिखाकर वहां दर्ज करा लिए थे। फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद अब शस्त्र लाइसेंस का स्थानांतरण आवेदन मिलने पर जांच कराई जाती है, जिससे फर्जीवाड़ा सामने आता है।
मामले में उत्तराखंड पुलिस की ओर से जानकारी आने के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अब इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। इसमें शाहजहांपुर से संबंधित शस्त्र लाइसेंसों के बारे में पूरी जानकारी जुटाए जाने के साथ ही संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम प्रशासन, लखीमपुर खीरी