शाहजहांपुर। प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या का शक जाहिर करने पर पुलिस ने ढाई माह बाद शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने युवती समेत पांच लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
खुदागंज थाना क्षेत्र के जैतीपुर गांव निवासी इलियास बेग ने बताया कि उनके बेटे मोनिस बेग (22) का गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती का पिता रहीस बेग इस पर ऐतराज जताता था। दस अगस्त को सुबह छह बजे युवती से पिता और भाइयों ने मोनिस को फोन कराया और कहा कि उनके घर में प्रेस लेकर आ जाए।
मोनिस घर से निकल गया। आरोप है कि मोनिस को रहीस बेग, उसका बेटा इदरीश, नफीस, शकील अपने साथ लेकर चला गया। इसके बाद उनका बेटा नहीं लौटा। तीसरे दिन मोनिस का शव क्षत-विक्षत हालत में एक खेत में मिला। इलियास के मुताबिक, आरोपियों ने आगे आकर पुलिस से शव ले लिया और पत्नी रुकैया बेगम को गुमराह कर शव को दफन करा दिया।
उस समय वह गुजरात के अहमदाबाद में मजदूरी करने गए हुए थे, जब वह घर आए तो उन्होंने शव के फोटो देखे। उसे जानकारी हुई कि चाकू और भाला मारकर मोनिस की हत्या की गई थी। उसकी आंखें भी फोड़ी गई थीं। मोनिस का टूटा मोबाइल आरोपियों ने उसकी पत्नी को दे दिया था। रहीस के तीनों बेटों ने पत्नी को धमकाया था कि अगर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई हुई तो अंजाम बहुत बुरा होगा।
इधर, बचने के लिए आरोपी रहीस उमरा करने मक्का चला गया। पुलिस को इस मामले में कार्रवाई के लिए इलियास ने प्रार्थनापत्र भी दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद इलियास ने कोर्ट की शरण ली।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 13 अक्तूबर को युवती, उसके पिता और तीन भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। शनिवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सीओ तिलहर अमित चौरसिया ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।