उप्र गन्ना शोध परिषद में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत सोमवार को परिषद के निदेशक डा. बीएल शर्मा द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। प्रशिक्षण में आंध्र प्रदेश तथा उप्र की विभिन्न चीनी मिलों के प्रतिनिधि एवं गन्ना विकास विभाग के सीडीआई और किसान भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर निदेशक डा. शर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण इस उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है कि गन्ने के साथ अन्त: फसलों की खेती करके गन्ना एवं चीनी उत्पादन में वृद्धि की जा सके। इससे गन्ने के साथ-साथ खाद्यान्न फसलों के उत्पादन में भी सकारात्मक वृद्धि की जा सके। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रसार अधिकारी संजीव पाठक ने बताया कि प्रशिक्षण में कुल 10 लेकर वैज्ञानिकों द्वारा स्लाइड प्रजेंटेशन के साथ दिया जायेगा। इसमें प्रजातियां, शस्य तकनीकी, टिशू कल्चर, मृदा परीक्षण, कीट एवं रोग प्रबंधन, कटाई उपरांत ह्रास, जैव उर्वरक, पेड़ी प्रबंधन तथा उत्पादन लागत से संबंधित विषय होंगे। इस मौके पर पत्रिका भी बांटी गई। इस अवसर पर संस्थान के संयुक्त निदेशक डा. अतुल सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. सुभाष चंद्र सिंह, डा. अनेग सिंह, डा. प्रताप सिंह, डा. अनिल कुमार सिंह, एसपी सिंह, डा. मदन लाल, डा. गोरखनाथ गुप्ता, डा. प्रियंका सिंह, डा. बीआरएस चौहान, अरुण कुमार सिंह, रवि प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।