शाहजहांपुर। जिले की चीनी मिलों मेें पेराई कार्य आरंभ होने के साथ मिल गेट सहित विभिन्न स्थानों पर खोले गए क्रय केेंद्रों पर घटतौली रोकने के लिए डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने एसडीएम के नेतृत्व मेें गन्ना विकास, बांट माप और चीनी उद्योग से जुड़े अधिकारियों की तहसीलवार चार जांच टीमें गठित कर दी हैं। इन सभी टीमों को रोजाना गन्ना सेंटरों की विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर निरीक्षण पंजिका में आख्या दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
इस वर्ष 425.20 लाख क्विंटल पेराई लक्ष्य पूरा करने के लिए गन्ना खरीद को जिले में 160 क्रय केंद्र खोले गए हैं। सर्वाधिक 53 क्रय केंद्र निगोही स्थित डालमिया मिल क्षेत्र में खोले गए हैं। अवध शुगर वर्कर्स (रोजा चीनी मिल) क्षेत्र में 49, बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल क्षेत्र मेें 35, तिलहर सहकारी मिल क्षेत्र में 26 और सहकारी मिल पुवायां क्षेत्र में दो केंद्र खोले गए हैं। इसी तरह अन्य जनपदों की मिलों ने जिले की सीमा मेें 18 गन्ना क्रय केंद्र खोले हैं। इनमें लोनी मिल के दस, अजबापुर के पांच, फरीदपुर के दो ओर रूपापुर मिल का एक केंद्र शामिल है। गत वर्ष पुवायां मिल क्षेत्र को छोड़कर जिले की अन्य मिलों के क्रय केंद्रों पर घटतौली के चार मामले पकड़े जा चुके हैं।
इसीलिए डीएम ने चालू पेराई सत्र में विशेष सतर्कता बरतते हुए जलालाबाद, सदर, तिलहर एवं पुवायां तहसील में विशेष जांच टीमें गठित कराई हैं। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम ने बताया कि कलान तहसील में गन्ना की पैदावार नहीं होने से वहां के लिए टीम गठित करने की आवश्यकता नहीं समझी गई। डीएम ने टीमों में शामिल अधिकारियों को निरीक्षण के बारे में व्यापक दिशा निर्देश दिए हैं। उनसे कहा गया है कि किसानों को दी गई पर्चियों पर गन्ना सोसाइटी एवं चीनी मिल की मोहर चेक करने के साथ मानक बांट, पेयजल हैंड पंप, पशुओं के पानी पीने की व्यवस्था, केंद्र पर नियम सारांश सूची, अधिकारियों के सीयूजी एवं टोल फ्री नंबरों की सूची की जांच करें।
डीसीओ के अनुसार विशेष टीमें तौल लिपिकों को डीएम से जारी तौल लाइसेंस एवं चीनी मिल अध्यासी से जारी परिचय पत्र की जांच करने के साथ यह भी सुनिश्चित करेंगी कि कोई भी तौल लिपिक एक केंद्र पर 15 दिन से अधिक तैनात नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि इस बार तौल लिपिकों के 15 दिन के अंतराल पर ऑनलाइन ट्रांसफर की व्यवस्था की गई है। यदि जांच मेें कोई तौल लिपिक नियत अवधि से अधिक दिन एक केंद्र पर कार्यरत पाया जाएगा तो एसडीएम अपने स्तर से डीएम को रिपोर्ट करेंगे। उन्होंने बताया कि इन टीमों की जांच के दायरे में गैर जनपदों की मिलों के क्रय केंद्र भी शामिल किए गए हैं।