शाहजहांपुर। उच्च न्यायालय द्वारा किसानों को पिछले पेराई सत्र 2018-19 का बकाया गन्ना मूल्य एक माह मेें चुकता करने संबंधी आदेश दिए जाने का असर जिले की मिलों पर दिखा। डालमिया ग्रुप की निगोही चीनी मिल किसानों को पहले ही सारा भुगतान कर चुकी है। अब रोजा स्थित अवध शुगर मिल ने भी किसानों की 6.27 करोड़ रुपये की देनदारी शनिवार को चुकता कर दी। हालांकि अभी बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल और सहकारी क्षेत्र की तिलहर एवं पुवायां चीनी मिलों पर 146.64 करोड़ रुपये बकाया है। सहकारी मिलों के प्रबंधकों ने करीब 17.1 करोड़ की देनदारी जल्द चुकता करने का भरोसा दिया है, लेकिन मकसूदापुर मिल को 129.54 करोड़ रुपये भुगतान करने में अभी वक्त लग सकता है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 18 सितंबर को किसान जयपाल सिंह व अन्य द्वारा दायर याचिका सामान्य समादेश जारी कर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव एवं गन्ना आयुक्त को एक माह में किसानों का बकाया भुगतान 15 प्रतिशत ब्याज सहित कराने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा कि कंट्रोल आर्डर के तहत गन्ना खरीद से 14 दिन के अंदर भुगतान कर दिया जाना चाहिए और ऐसा न होने पर 15 प्रतिशत ब्याज देना होगा। खंड पीठ ने आगाह किया कि एक माह में भुगतान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को न्यायिक अवमानना का दोषी माना जाएगा। कोर्ट के आदेशानुसार जिले की सभी चीनी मिलों को 17 अक्तूबर तक संपूर्ण भुगतान करना है। इस बीच त्यौहारों के कारण कई अवकाश भी पड़ेंगे। इसे देखते चीनी मिल किसानों को बकाया भुगतान के लिए अपना चीनी स्टॉक बिक्री करने के साथ ही अन्य आर्थिक स्रोत भी तलाश रही हैं। कोर्ट के आदेश के बाद मकसूदापुर मिल ने चीनी बेचकर 2.58 करोड़ रुपये चुकाए हैं। गत 19 सितंबर तक रोजा मिल पर 8.79 करोड़ रुपये बकाया थे। मिल अधिकारी 2.52 करोड़ रुपये पहले दो दिन पहले तक किसानों को दे चुके थे और आज शेष धनराशि चुकता कर दी। बजाज मिल मकसूदापुर से पूरा भुगतान होना मुश्किल है क्योंकि मिल के पास सिर्फ 70 करोड़ की चीनी है जबकि भुगतान इससे ज्यादा का है।
परेशान न हों किसान, कराया जाएगा गन्ना भुगतान
बीते पेराई सत्र में रोजा चीनी मिल ने 28095 किसानों से 229.73 करोड़ रुपये का 71.47 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा था। यह मिल 222.88 करोड़ रुपये पहले ही किसानों को दे चुकी है और शेष 6.85 करोड़ रुपये आज चुकता कर दिए हैं। तिलहर, पुवायां एवं मकसूदापुर मिल के भुगतान जल्द करने के निर्देश दिए गए हैं। मकसूदापुर मिल के पास संपूर्ण बकाया चुकता करने के वित्तीय संसाधन नहीं हैं, लेकिन किसान चिंतित न हों। मिल अधिकारियों ने विगत वर्षों की भांति बजाज ग्रुप की अन्य 15 मिलों से धनराशि जुटाकर भुगतान करने को आश्वस्त किया है। नियत अवधि में संपूर्ण भुगतान नहीं होने पर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित मिलों की रिपोर्ट शासन के माध्यम से उच्च न्यायालय भेज दी जाएगी।
-डॉ. खुशीराम, जिला गन्ना अधिकारी