फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: 11 साल बाद भी शुगर मिल नहीं बनी, विधायक ने विधानसभा में पूछा था प्रश्न

Fri, 07 Mar 2025 12:48 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
जलालाबाद। गांव दहेना में 11 साल बीतने के बाद भी शुगर मिल न बन पाने का मामला भाजपा विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने विधानसभा में उठाया है। इसके बाद एसडीएम दुर्गेश यादव ने शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है।
विज्ञापन


नियम 51 लोक महत्व के विषय के तहत विधायक हरिप्रकाश ने विधानसभा में कहा कि वर्ष 2014 में चीनी मिल की स्थापना के लिए करीब सौ एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसमें लगभग 12 एकड़ जमीन ग्राम समाज की भी शामिल है, लेकिन यहां चीनी मिल बनाने संबंधी कोई काम आगे नहीं बढ़ा। विधायक ने कहा कि वहां चीनी मिल की स्थापना करवाई जाए। अन्यथा वह जमीन अन्य उद्योग-धंधों के लिए आवंटित हो।
चीनी उद्योग कोजनरेशन नीति 2013 के तहत प्रदेश के जिन 14 जिलों में चीनी मिल बननी थी। उसमें जलालाबाद शामिल था। जगह उपलब्धता के अनुरूप तहसील मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर गांव दहेना में कैमुना ग्रुप की ओर से वर्ष 2013 में चीनी मिल स्थापना के लिए आधार शिला रखी गई थी। कैमुना ग्रुप के सीएमडी ने करीब 350 करोड़ की लागत वाली इस मिल को 2016 तक तैयार कर देने की बात कही थी।
विज्ञापन

कंपनी ने यहां ऑफिस का निर्माण कराया और कुछ महीने कर्मचारी लगातार आते-जाते रहे, लेकिन बाद में कोई काम आगे नहीं बढ़ा। एसडीएम दुर्गेश यादव ने बताया कि ग्राम समाज के अलावा जो जमीन है, वह कैमुआ ग्रुप द्वारा खरीदी गई थी। यह अभिलेखों में कैमुआ शुगर मिल के नाम से संक्रमणीय भूमि के रूप में दर्ज है। ग्राम समाज की जो जमीन इसमें शामिल है। नियमानुसार उसे पुनग्रहण किया जा सकता है। यह रिपोर्ट भेज दी गई है।
-

तीन जनपदों के कई गांवों को मिलता लाभ

-यह चीनी मिल क्षेत्र के विकास के साथ बड़ी संख्या में किसानों के लिए फायदेमंद होती। कलान व जलालाबाद तहसील की इस इकलौती चीनी मिल से सैकड़ों गांवों के अलावा पड़ोसी जनपद हरदोई व बदायूं जनपदों की सीमा से लगे दर्जनों गांवों को भी इसका सीधा लाभ मिलता। हरदोई में स्थित रूपापुर चीनी मिल की इस क्षेत्र से 45 किलोमीटर, बदायूं की सहकारी चीनी मिल 50 किलोमीटर, फर्रुखाबाद की सहकारी चीनी मिल 55 किलोमीटर व रोजा शुगर मिल की दूरी भी 50 किलोमीटर के करीब होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें