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मकसूदापुर मिल ने गन्ना किसानों के 1.45 अरब रुपये फिर दबाए

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शाहजहांपुर। बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल ने पिछले पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ना का शनिवार को संपूर्ण भुगतान कर दिया, लेकिन वर्तमान पेराई सत्र में किसानों से खरीदे जा चुके 1.45 अरब रुपये से अधिक मूल्य के गन्ना का भुगतान फिर दबा लिया। जिले की अन्य चारों मिलों पर किसानों की देनदारी जोड़ ली जाए तो बकाया गन्ना मूल्य की धनराशि 202.08 करोड़ रुपये है। मार्च तक पेराई सत्र समाप्त होने से पहले किसानों को संपूर्ण बकाया भुगतान मिलने में संदेह है।
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मकसूदापुर मिल ने गत पेराई सत्र 2018-19 में 36839 किसानों से 277.76 करोड़ रुपये का 86.25 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा था। भुगतान में लेटलतीफी के चलते नया पेराई सत्र शुरू होने के बाद भी इस मिल पर 72 करोड़ रुपये बकाया था। किसानों को पेमेंट दिलाने के लिए तत्कालीन डीएम अमृत त्रिपाठी ने मिल प्रबंधन को नोटिस जारी कराए और मिल का चीनी स्टॉक जब्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई की। इसका असर यह हुआ कि मिल प्रबंधन ने चीनी बिक्री कर और ग्रुप की अन्य मिलों से वित्तीय मदद लेकर पिछली देनदारी चुकता करनी शुरू की। इसके बावजूद वर्तमान सत्र में खरीदे गए गन्ने के एवज मेें किसानों को कोई भुगतान नहीं किया, जबकि शासन ने 14 दिन में भुगतान करने के आदेश दिए थे।
14 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान की व्यवस्था का पालन केवल डालमिया ग्रुप की निगोही मिल कर रही है, जबकि अन्य तीनों चीनी मिलें इस कसौटी पर भी पिछड़ रही हैं। इसकेे बावजूद गन्ना विकास विभाग के अधिकारी इस बात से संतुष्ट हैं कि मिलें 14 दिन में भुगतान प्रक्रिया अपनाने का प्रयास कर रही हैं। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार पांचों मिलें अब तक 203.75 लाख क्विंटल गन्ना खरीदकर 21.97 लाख क्विंटल चीनी बना चुकी हैं और गन्ना के कुल उत्पादन 50 प्रतिशत गन्ना पेरा जा चुका है। मिलों मेें 1.26 लाख किसान गन्ना दे चुके हैं, लेकिन संपूर्ण भुगतान पाने वाले सिर्फ 90881 (72 फीसदी) किसान हैं।
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भुगतान की प्रक्रिया में सुधार का दावा
अधिकारियों का दावा है कि मिलों से भुगतान प्रक्रिया में सुधार हो रहा है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव के अनुसार गत तीन वर्षों में (19 मार्च 2017 से 31 जनवरी 2020 तक) 1.59 लाख किसानों को 3159.27 करोड़ रुपये भुगतान किया जा चुका है। डीसीओ के अनुसार इससे पूर्व के तीन वर्षों (सत्र 2014-15 से 2016-17 में 18 मार्च 2017 तक) केवल 1615.32 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था। उन्होंने बताया कि गत तीन वर्ष में गन्ना की नवीन प्रजातियों से उत्पादकता 140.08 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और चीनी रिकवरी में 0.25 प्रतिशत वृद्धि हुई है। डीसीओ ने बताया कि मकसूदापुर मिल प्रबंधन ने अगले सप्ताह से वर्तमान पेराई सत्र का भुगतान करने का आश्वासन दिया है।
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चीनी मिल वार गन्ना खरीद एवं भुगतान (करोड़ रुपये)
चीनी मिल गन्ना खरीद भुगतान भुगतान अवधि
निगोही मिल 203.94 201.00 31 जनवरी, 2020
मकसूदापुर मिल 145.36 शून्य
रोजा मिल 110.15 86.13 14 जनवरी, 2020
तिलहर मिल 53.13 31.13 01 जनवरी, 2020
पुवायां मिल 44.91 37.15 18 जनवरी, 2020
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