शाहजहांपुर। गन्ना किसानों को नवीनतम उन्नतशील गन्ना प्रजातियों समेत अन्य कृषि तकनीकी की जानकारी देने के लिए सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
हालांकि, गन्ना किसानों को एम किसान पोर्टल के माध्यम से गत दो वर्ष से एसएमएस के माध्यम से गन्ना पर्चियां भेजी जा रहीं हैं, लेकिन अब प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास) संजय आर भूसरेड्डी के आदेश पर गन्ना किसानों को विभाग में विभिन्न स्तरों पर फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से अन्य जानकारियां दी जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार जनपद में 28540 गन्ना किसान फेसबुक और 2150 ट्विटर से जोड़े जा चुके हैं।
अपर मुख्य सचिव भूसरेड्डी ने प्रदेश के सभी जिला गन्ना अधिकारियों को भेजे परिपत्र में निर्देश दिए हैं कि गन्ना किसानों को सोशल मीडिया से जोड़ा जाए। यह आदेश यहां प्राप्त होने के बाद गन्ना विकास विभाग ने किसानों को सोशल मीडिया से जोड़ने का अभियान शुरू कर दिया है।
बता दें कि जनपद में 1.80 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता किसान हैं। यह सभी किसान एम किसान पोर्टल से पहले ही जुड़ चुके हैं।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव ने बताया कि जिन किसानों के पास एंड्रॉयड फोन हैं, उन्हें फेसबुक, ट्विटर और यू-ट्यूब से जोड़कर प्रदेश सरकार व गन्ना विभाग की योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। उन्होंने सभी सहकारी गन्ना समितियों के सचिवों और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे समिति कर्मचारियों एवं गन्ना पर्यवेक्षकों को इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण दें। डीसीओ के अनुसार गन्ना पर्यवेक्षकों, सहकारी गन्ना समिति के कर्मचारियों और सहकारी चीनी मिलों के फील्ड स्टॉफ को अपने-अपने सर्किल में किसानों को सोशल मीडिया से जोड़ना है। इसके लिए जिला गन्ना अधिकारी, गन्ना विकास परिषद व गन्ना विकास समिति वार फेसबुक व ट्विटर अकाउंट बनाए गए हैं।
जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार फेसबुक व ट्विटर से तमाम गन्ना किसान जोड़े जा चुके हैं और अब यू-ट्यूब पर भी किसानों को उपयोगी जानकारियां मिलेंगी। उनका कहना है कि कोरोना काल मे सोशल मीडिया से किसानों को जोड़ना काफी लाभदायक रहा है। दो साल से गन्ना पर्ची एवं सर्वे की जानकारी भी किसानों को घर बैठे मोबाइल पर दी जा रही है और इसके लिए उन्हें समिति कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।