शाहजहांपुर। जनपद की पांचों चीनी मिलें 1.37 लाख किसानों को 845.27 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी हैं जो कि कुल देयता का 80 प्रतिशत है।
एडीएम फाइनेंस गिरिजेश कुमार चौधरी की अध्यक्षता मेें शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में गन्ना मूल्य भुगतान एवं विकास अंशदान के संबंध में समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आया। यह भी पता चला कि बजाज ग्रुप की मकसूदापुर अभी सिर्फ 29 प्रतिशत भुगतान कर सकी है। एडीएम ने बैठक में मौजूद मिल के अध्यासी वीसी त्यागी को गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव ने एडीएम को बताया कि निगोही की डालमिया मिल शत प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान पहले ही कर चुकी है। रोजा चीनी मिल प्रबंधन द्वारा 98 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। रोजा मिल के अध्यासी मुनेश पाल ने शेष भुगतान अगले सप्ताह तक किए जाने का आश्वासन दिया। भुगतान की कसौटी पर मकसूदापुर मिल की लचर स्थिति पर एडीएम चौधरी ने नाराजगी जाहिर कर मिल अधिकारियों को सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
तिलहर और पुवायां सहकारी चीनी मिलों के प्रधान प्रबंधकों ने बताया कि शीघ्र भुगतान के लिए उनके स्तर से कार्रवाई की जा रही है। इस मौके पर एडीएम ने डीसीओ डॉ. भार्गव को गन्ना मूल्य भुगतान की प्रतिदिन समीक्षा के निर्देश दिए। बैठक में निगोही चीनी मिल के महाप्रबंधक आशीष त्रिपाठी, मकसूदापुर मिल के महाप्रबंधक हितेंद्र सिंह, चीनी मिल तिलहर के प्रधान प्रबंधक शेर बहादुर सिंह, पुवायां मिल के प्रधान प्रबंधक आरसी श्रीवास्तव, पुवायां, निगोही, तिलहर व रोजा के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक और समितियों के सचिव मौजूद रहे। संवाद