शाहजहांपुर। प्रदेश विधान परिषद की दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति की समीक्षा बैठक कलक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें विभागवार नागरिकों को प्रभावित होने की संख्या व जनजानि व राहत कार्याें की प्रगति की जानकारी ली गई।
अध्यक्षता करते हुए समिति के सभापति अवनीश कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि आपदाओं के पीछे के कारणों का गंभीरता से अध्ययन करते हुए ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि भविष्य में होने वाली जनहानि रुक सके। उन्होंने पुलिस को सुझाव दिया कि सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित कर आपात स्थितियों में तैनात किया जाए। अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता के प्रति संवेदनशील होकर योजनाएं बनाएं।
सर्पदंश की घटनाओं को रोकने के लिए सभापति ने कहा कि स्कूलों में प्रत्येक सप्ताह प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को जागरूक किया जाए। लू व अन्य दैवीय आपदाओं से बचाव की जानकारी भी बच्चों को नियमित रूप से दी जाए। उन्होंने नगर निकायों को निर्देशित किया कि वेस्टेज वाटर की समस्या के समाधान के लिए एक समिति गठित कर कार्ययोजना तैयार की जाए।
वन विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि बरगद, पीपल, नीम, महुआ, जामुन जैसे अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधों का पौधरोपण कराएं। सभापति ने जनपद की सभी तीन सौ वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सरकारी भवनों वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करने, उनकी नियमित देखरेख पर जोर दिया।
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने आभार जताया। बैठक के बाद समिति के सभापति व सदस्यों ने शहीद उद्यान में पौधरोपण भी किया। बैठक में समिति के सदस्य अंगद कुमार, एमएलसी सुधीर गुप्ता, ददरौल विधायक अरविंद कुमार सिंह, एसपी राजेश द्विवेदी, नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।
शाहजहांपुर में दैवीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में बोलते सभापति अवनीश सिंह। स्रोत: सूचना विभाग