रोजा/ शाहजहांपुर। जवाहर नवोदय स्कूल में पुस्तकालय अध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर उतरे छात्रों की मांग, आश्वासन के बाद भी पूरी नहीं हुई। इससे खफा छात्रों ने मंगलवार को खाना छोड़ दिया और साढ़े सात घंटे तक विद्यालय गेट पर धरने पर बैठे रहे। इस बीच लखनऊ रीजन की असिस्टेंट कमिश्नर सुनीता ने पहुंचकर छात्रों से एकांत में वार्ता की। इसके बाद उन्होंने धरना खत्म कर दिया।
सोमवार को नवोदय के सीनियर छात्रों ने पुस्तकालय इंचार्ज नितिन मिश्रा पर गाली-गलौज करने और अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए जुलूस निकाला था। कलक्ट्रेट जाते समय रोजा थाना प्रभारी ने सुभाष चौकी के पास रोककर प्रधानाचार्य सत्यपाल गंगवार को बुलाकर वार्ता कराई थी।
प्रधानाचार्य ने लाइब्रेरी इंचार्ज पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। मंगलवार को कार्रवाई नहीं होने पर सुबह नाश्ते के बाद कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थी कक्षाओं में नहीं गए। उनकी मांग पूरी नहीं होने पर कॉलेज गेट की ओर बढ़े। इसके बाद सतर्कता के चलते मुख्य गेट को बंद कर दिया गया। नाराज छात्र सुबह दस बजे गेट के पास ही धरने पर बैठ गए।
छात्रों ने पुस्तकालय अध्यक्ष पर कार्रवाई होने तक धरना देने की चेतावनी दी। छात्रों का आरोप है कि प्रधानाचार्य भी उनसे मुलाकात करने नहीं आए। छात्रों के खाना छोड़ने और धरना देने की बात लखनऊ रीजन की असिस्टेंट कमिश्नर के पास पहुंची। वह भी शाम साढ़े पांच बजे विद्यालय आ गईं।
उन्होंने सबसे पहले धरने पर बैठे छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह उनकी बात सुनने ही यहां आईं हैं। वह सभी छात्रों को एकांत में वार्ता करने के लिए ले गईं। इस बीच प्रधानाचार्य, पुलिस या स्टाफ को भी सभागार में नहीं आने दिया। असिस्टेंट कमिश्नर से वार्ता के बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया।
कई वीडियो आए सामने
धरने पर बैठे छात्रों के वीडियो भी सामने आए हैं। हालांकि, संवाद न्यूज इसकी इसकी पुष्टि नहीं करती है। छात्रों का आरोप है कि लाइब्रेरी इंचार्ज कानपुर के रहने वाले हैं। वह छात्रों से अभद्रता करते हैं। गाली-गलौज करने के साथ ही मारपीट पर भी उतारू हो जाते हैं। छात्रों ने उन्हें निलंबित करने या तबादला करने की मांग की।
बरेली रीजन के अफसरों ने भी ली जानकारी
सोमवार को बरेली रीजन के अफसरों ने यहां पहुंचकर मामले की जांच की थी। उनके साथ एसडीएम सदर प्रभात राय भी थे। जांच की प्रक्रिया सोमवार की रात साढ़े 11 बजे तक चली थी। उसके बाद भी समस्या का हल नहीं निकल सका और दूसरे दिन छात्र धरने पर बैठ गए।
असिस्टेंट कमिश्नर की वार्ता के बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया है। वह अब रिपोर्ट मुख्यालय को देंगी। इसके बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी।
-सत्यपाल गंगवार, प्रधानाचार्य-जवाहर नवोदय स्कूल
सीनियर छात्रों के जूनियर के हॉस्टल में पहुंचने पर हमने मामले की सूचना प्रधानाचार्य को दी थी। इसी को लेकर छात्रों में नाराजगी है। हमारे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
- नितिन मिश्रा, पुस्तकालय अध्यक्ष