स्कूल जा रही कक्षा दो की छात्रा की ट्रैक्टर से कुचल कर मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की, लेकिन ट्रैक्टर स्वामी और मृतका के परिजनों के बीच समझौता हो जाने के कारण काजल के पिता ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया।
थाना क्षेत्र के गांव भितिया श्याम निवासी सर्वेश कुमार की आठ वर्षीय पुत्री काजल गांव मकसूदापुर के श्री रामदयाल स्मृति शिक्षण संस्थान में कक्षा दो में पढ़ती थी। मंगलवार सुबह वह गांव के अन्य बच्चों के साथ साइकिल से स्कूल जा रही थी। गांव कढ़ेरचौरा में राब लादकर आ रहे एक ट्रैक्टर ट्रॉली के चालक ने काजल की साइकिल में टक्कर मार दी, जिससे काजल गिर गई और ट्रैक्टर से कुचलकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चालक मौके से भाग निकला। सूचना घर पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मौका मुआयना करने के साथ ही घटना के बारे में जानकारी ली। इस बीच ट्रैक्टर स्वामी और काजल के परिजनों के बीच समझौता हो जाने के कारण काजल के पिता ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और शव को घर ले गए। उसकी मौत से मां रूपा देवी, पिता सर्वेश और दो बहनों का रो- रोकर बुरा हाल है। एसओ राहुल सिंह के अनुसार काजल के परिवार के लोगों का ट्रैक्टर स्वामी से समझौता हो जाने पर उन्होंने कार्रवाई से इंकार कर दिया। इस कारण रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
बाघ के डर से बदला रास्ता
बंडा। काजल के साथ स्कूल जा रहे बच्चों ने बताया कि वे लोग रोजाना दूसरे रास्ते से स्कूल जाते थे। जिस रास्ते से वे लोग स्कूल जाते थे। वह खेतों के बीच होकर जाता है। इन दिनों बंडा क्षेत्र में बाघ देखे जाने से लोग दहशत में हैं। मंगलवार को काजल ने भी बाघ के डर से खेतों के रास्ते स्कूल जाने से इंकार कर दिया और गांव कढ़ेरचौरा के बीच होकर जाने वाले रास्ते से स्कूल जाने का फैसला किया, लेकिन गांव के पास ही हादसे में काजल की जान चली गई।