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Shahjahanpur News: नर्सरियों में ही पड़ा रहा जिप्सम खाद का स्टॉक...सूखते रहे पौधे

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वन विभाग की शक्ति पौधशाला में रखीं जिप्सम खाद की बोरियां। संवाद - फोटो : 1
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शाहजहांपुर। वन विभाग में लाखों रुपये के जिप्सम खाद के घोटाले की कीमत पौधों को चुकानी पड़ रही है। करीब 30 लाख रुपये की जिप्सम खाद का स्टॉक नर्सरियों में पड़ा रह गया जबकि पौधरोपण महाअभियान के दौरान लगाए गए पौधे सूख रहे हैं। कई सीलबंद बोरियों में निर्धारित 50 किलो के बजाय काफी कम खाद होने की चर्चा ने मामले को और संदिग्ध बना दिया है।
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वन विभाग ने जनपद की तिलहर, सिंधौली, जलालाबाद, सदर और खुटार रेंज के लिए ऊसर भूमि को उपजाऊ बनाने के उद्देश्य से करीब 30 लाख रुपये में पांच हजार बोरी जिप्सम खाद खरीदी थी। प्रति बोरी कीमत करीब 600 रुपये बताई गई है। जिप्सम का प्रयोग पौधरोपण से पहले गड्ढों में किया जाता है, ताकि भूमि की उर्वरता बढ़ सके और पौधों की जीवित रहने की संभावना अधिक हो।
अभियान समाप्त होने के बाद भी खाद का बड़ा स्टॉक नर्सरियों में पड़ा होना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। करीब 10 दिन पहले डीएफओ ने नगरिया मोड़ से उचौलिया तक हाईवे किनारे पौधरोपण का निरीक्षण किया था। इस दौरान ट्री गार्ड में लगे करीब 500 पौधे सूखे और मानक से छोटे मिले थे।
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माना जा रहा है कि ऊसर भूमि में समय से जिप्सम का प्रयोग होता तो पौधों की स्थिति बेहतर हो सकती थी। जांच समिति गठित होने के बावजूद अब तक खाद की बोरियों को न तो सील कराया गया है और न ही जांच टीम ने उन्हें अपने कब्जे में लिया है। ऐसे में जांच शुरू होने से पहले साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।
कई सीलबंद बोरियां हाथ से उठाने पर ही निर्धारित वजन से काफी हल्की महसूस हो रही हैं। यदि जांच में मामला सही पाया जाता है तो खरीद, आपूर्ति और सामग्री प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ जाएगी। डीएफओ सचिन कुमार ने एसडीओ डॉ. सुशील कुमार की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। हालांकि दूसरे दिन भी जांच अधिकारी को औपचारिक आदेश नहीं मिला था। उनका कहना है कि आदेश मिलते ही निर्धारित बिंदुओं पर जांच शुरू कर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।

पहले वजन, फिर तय होगी जिम्मेदारी

डीएफओ ने बताया कि जांच के दौरान सबसे पहले सीलबंद बोरियों का वजन कराया जाएगा। यदि वजन कम मिला तो यह देखा जाएगा कि सामग्री किसने प्राप्त की और बिना जांच के उसे कैसे स्वीकार कर लिया गया। साथ ही यह भी जांच होगी कि इतना स्टॉक कैसे बचा रह गया।
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जांच समिति गठित कर दी गई है। प्रत्येक बिंदु की गहन जांच होगी। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-सचिन कुमार, डीएफओ, शाहजहांपुर
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