दो बच्चों ने पकड़वाया आरोपी
गोली मारने के बाद अमित मौके से भाग निकला था। थाने से कुछ ही दूर वारदात होने के चलते पुलिस को भी जल्द ही खबर मिल गई थी। सीओ पंकज पंत, इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय सहित थाने की पूरी फोर्स आरोपी की तलाश में जुट गई। नगर के 50 से अधिक लोग भी पुलिस की मदद में लग गए। काफी देर तक तलाश के बाद भी आरोपी का पता नहीं चल सका।
इस बीच साइकिल चलाना सीख रहे दो बच्चे रास्ते पर आते दिखे। इंस्पेक्टर ने बच्चों को आरोपी का फोटो दिखाया तो बच्चों ने बताया कि फोटो वाला व्यक्ति कुछ दूर आगे कीचड़ से सनीं चप्पलें साफ कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।
थैले में दो तमंचे लेकर पहुंचा था आरोपी
पुलिस ने अमित गुप्ता के पास से दो तमंचे बरामद किए हैं। अमित ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसे पिता की संपत्ति में हिस्सा नहीं दिया गया था। दूसरी मां ने सारी संपत्ति अपने कब्जे में कर ली थी। वह आठ हजार रुपये महीने की नौकरी कर रहा था, जिससे बमुश्किल गुजर होती थी।
वह कई बार संपत्ति में हिस्सा देने की मांग कर चुका था, लेकिन उसका वाजिब हक उसे नहीं मिल रहा था। उसने तीन दिन पूर्व ही संकल्प को मारने का मन बना लिया था। इसके तहत उसने दो तमंचों की व्यवस्था की। दोनों तमंचे लोड थे। अगर एक मिस हो जाता तो वह दूसरे तमंचे से गोली मार देता। आरोपी ने कहा कि अगर आज वह संकल्प को न मार पाता तो अगले दिन खुद ही जहर खाकर जान दे देता।
एसपी ग्रामीण संजीव वाजपेयी ने बताया कि अमित ने अपने सौतेले भाई संकल्प को गोली मार दी थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में संकल्प को मृत घोषित कर दिया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।