शाहजहांपुर। योग विज्ञान संस्थान के तत्वावधान में वात रोग निवारण शिविर जारी रहा। सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में संयोजक ज्योति गुप्ता, बिपिन रस्तोगी, संध्या गुप्ता, अशोक रस्तोगी आदि ने विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया।
डॉ.राजेंद्र कुशवाहा ने वात रोग पर प्रकाश डाला। बताया कि शरीर में सात धातु, तेरह अग्नियां, तीन मल, तीन दोष, वात, पित्त, कफ होते हैं। वात को सामान्य भाषा में वायु कहते हैं। यही वायु हमारे संपूर्ण शरीर को क्रियाशील रखती है, लेकिन जब प्रकुपित वायु हमारे नस, नाड़ी, जोड़ो में रुकने लगती है, तो वहां पर दर्द, सूजन बनने लगती है।
जिला प्रधान डॉ.अवधेश मणि त्रिपाठी ने आसन कराए। जिला मंत्री कवि डॉ.इंदु अजनबी ने बताया कि वात रोग निवारण शिविर का समापन 17 जून को होगा। साधक रामेंद्र मिश्रा, ऋषिराम शर्मा, ललित मोहन, स्वतंत्र रस्तोगी, मीना अग्निहोत्री, सावित्री, अर्चना गुप्ता, दीपिका कपूर, विजय बहादुर, अनुराधा जैन, रेखा कुशवाहा, नमन जैन, भगवान दास गुप्ता आदि मौजूद रहे।