भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना ने बुधवार को अपने राजभवन कार्यालय पर मीडिया के समक्ष प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था का वार्षिक रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था पंगु होकर रह गई है और सरकार केवल स्लोगन गढ़कर जनता को गुमराह करना चाहती है।
खन्ना ने एक-एक कर अखिलेश सरकार की नाकामियों को प्रस्तुत करते अपनी बात रखी। बोले, हमने क्राइम का आंकड़ा पुलिस की वेबसाइट पर देने का सवाल उठाया तो सरकार ने इसलिए मना कर दिया ताकि उसकी पोल न खुल जाए, इसलिए उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत एक वर्ष का लेखाजोखा मांगा। अपराध का शीर्षकवार लेखा जोखा उन्होंने मीडिया को भी उपलब्ध कराया। खन्ना ने बताया कि इसके अलावा उन्होंने पुलिस पर हुए हमलों और दुर्व्यवहार के बारे में भी जानकारी ली, नौ मार्च 2015 को मिले आंकड़ों के बाबत खन्ना ने बताया कि पुलिस विभाग सिपाही से लेकर सीओ तक 622 हमलों और दुर्व्यवहार की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इससे पता चलता है कि सूबे में पुलिस भी सुरक्षित नहीं है।
इसी कड़ी में भाजपा नेता ने गांवों में लगे हैंडपंप को रिबोर कराने, बेसिक शिक्षा, बिजली, ट्रांसफार्मर, सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की भर्ती, फूड सिक्योरिटी, भूमि अधिग्रहण बिल, अतिवृष्टि, प्रधानमंत्री जनधन योजना एवं बीमा योजना आदि पर भी अपनी बात रखी। बताया, सरकार नए हैंड पंप दे नहीं रही, पुराने भी रिबोर लायक कम ही बचे हैं। प्रदेश में बिजली की स्थिति बहुत खराब है, फिर भी सरकार केंद्र से बिजली लेने को तैयार नहीं है। ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो रहे हैं। वारापुर और बेहटा शाहवाजनगर गांव में बढ़ी क्षमता के ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं, लेकिन उन्हें लगाया नहीं जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में करीब चार हजार डॉक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं। जिनके लिए अस्पताल बने हैं। उन्हीं को दवाई और ब्लड के लिए सिफारिश की जरूरत होने लगी है। गन्ना किसानों का अभी तक 9500 करोड़ रुपये बकाया है। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्रपाल सिंह यादव भी मौजूद रहे।