जनपद के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश सिंह द्वारा हाल ही मे परशुराम मंदिर तथा उनकी जन्मस्थली को लेकर दिये विवादास्पद बयान को लेकर गाजियाबाद जनपद से यहां आये परशुराम जन्म भूमि संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने परशुराम मंदिर पर प्रेसवार्ता कर उक्त बयान की कड़ी निंदा की। कहा कि इसको लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में परशुराम जयंती पर लखनऊ में ब्राह्मण समाज के आयोजित हुये सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जलालाबाद को भगवान परशुराम की जन्मस्थली बताते हुये इसे पर्यटक स्थल स्थल रूप मे विकसित किये जाने का वादा किया था परन्तु वह इस कार्य को पूरा नहीं करा सके। उन्होंने मुख्यमंत्री पर आरोेप लगाया कि आने वाले चुनाव मे जनता को जबाब देने से बचने को उन्होंने तरीका निकालते हुये अपने मंत्री से इस तरह का बयान दिलवाया। बोले यह परशुराम के भक्तों के साथ धोखा है और उसे जनता के बीच ले जाया जायेगा। इसके लिये समिति जल्द ही प्रदेशव्यापी आन्दोलन की शुरूआत करेगी। इस दौरान उन्होंने भक्तों से अपील करते हुये कहा कि वह लोग मौजूदा चुनाव में झूठे वादे करने वाली सरकार का पुरजोर विरोध करे। इस दौरान परशुराम मन्दिर के महंत के अलावा गोपाल मोहन द्विवेदी, मोनू दीक्षित, मुन्नू लाल मिश्रा, रावेंद्र दीक्षित, आदित्य शुक्ला, राजू मिश्रा, बिपिन पांडेय आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।