फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहीं झमाझम बारिश तो कहीं रिमझिम बारिश में भीगते रहे लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। जिले में मानसून ने दस्तक दे दी है। बृहस्पतिवार को दिनभर मौसम मेें उतार-चढ़ाव रहा। सुबह से देर शाम तक जिले के अलग-अलग इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। इस दौरान कहीं झमाझम और कहीं रिमझिम बरसात हुई। बीच-बीच में धूप भी खिलती रही। महानगर क्षेत्र मेें दो मिमी बारिश रिकार्ड की गई। कई जगह सड़कों में हुए गड्ढों में पानी भरने से राहगीर परेशान रहे। मौसम विशेषज्ञ भी मानते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र की तुलना मेें महानगर के आसपास पानी कम बरसा, लेकिन अगले 24 घंटे के दौरान जनपद में व्यापक वर्षा होने का अनुमान है।
विज्ञापन

दिन की शुरुआत घने भूरे बादल छाने से हुई। आसमान की ओर ताकने पर लगा कि तेज बारिश के तौर पर बादल फटने को बेताब हैं। सात बजे स्प्रे जैसी महीन बूंदें गिरनी शुरू हुईं और कुछ देर तक बूंदाबांदी थम गई। बाद मेें धूप निकली तो उमस से पसीना छूटने लगा। दोपहर एक बजे से बादल फिर गहराने लगे और दो बजे से गरज के साथ तेज बूंदाबांदी होने लगी। इससे हवा में आर्द्रता बढ़कर 89 प्रतिशत हो गई, लेकिन आधा घंटे बाद पानी गिरना बंद हो गया और फिर से धूप निकल आई। इससे फिर उमस को बढ़ावा मिलने लगा।
सूर्यास्त से पहले दिन ढलते वक्त नम हवा चली तो उमस से छुटकारा मिल सका। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार दो मिमी बारिश होने और आर्द्रता बढ़ने के बावजूद बीच में कई बार धूप निकलने से दिन मेें अधिकतम तापमान में सिर्फ 0.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट पाई गई। बैरोमीटर की रीडिंग मेें सुबह के वक्त 13 अंक की गिरावट आने से हवा कम चली, लेकिन शाम तक वायुदाब सामान्य स्तर पर पहुंच जाने से बादल ठहर गए हैं। उन्होंने बताया कि बैरोमीटर की रीडिंग में इतना उतार-चढ़ाव शुक्रवार को भारी वर्षा का संकेत दे रहा है।
विज्ञापन

लालबाग चौराहे से रौसर कोठी रोड पर जलभराव
रौसर कोठी। बुधवार देर रात से हो रही बारिश के कारण लालबाग चौराहे से रौसर कोठी जाने वाले मार्ग पर जलभराव हो गया। इस कारण उधर से आने-जाने वालों को परेशानी हुई। रौसर कोठी को जाने वाले सभी मार्गों पर बारिश से जलभराव की समस्या बन गई है। ग्रामीणों ने बताया की रोजा चीनी मिल को गन्ना ले जाने वाले ट्रैक्टर और ट्रॉलियों की वजह से सड़क के किनारे बनी नालियां टूट जाती हैं और इसी वजह से सड़कों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। शिकायत करने पर मिल प्रशासन चीनी मिल बंद होने के बाद नालियों की मरम्मत करा देने की बात कहकर यह काम टाल देता है।
बारिश मेें तालाब बना जैतीपुर-तिलहर मार्ग
जैतीपुर। झमाझम बरसात से एक तरफ गर्मी से राहत मिलने के साथ किसानों के चेहरे खिल गए तो वहीं सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क अभियान की हकीकत भी उजागर होने लगी। जैतीपुर-तिलहर मार्ग पर नवादा मोड़ से लेकर तिलहर तक गड्ढे ही गड्ढे हैं। मामूली बारिश में यह गड्ढे तालाब में बदल गए। गढ़िय़ा रंगीन रोड का हाल भी बेहाल है और पानी-कीचड़ से लबरेज सड़क से निकलना दूभर है। इन सड़कों को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने दुरुस्त कराना मुनासिब नहीं समझा जबकि आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। नवादा मोड़ से तिलहर तक 25 किमी सड़क की दशा बेहद खराब है। बरसात के समय में वाहन लेकर अथवा पैदल चलना कठिन हो रहा है। कुछ दिन पूर्व गड्ढे मेें फंसी बाइक से गिरकर एक महिला की मौत हो चुकी है। कसबे में पेट्रोल पंप के पास और देसी शराब के ठेके के सामने सड़क तालाब में तब्दील हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें