आसाराम के रुद्रपुर आश्रम में तोडफ़ोड़ और आगजनी की घटना के दूसरे दिन रविवार को धुआं उठता दिखा। परिसर में निगरानी के लिए दो सिपाही तैनात कर दिए गए हैं। गांव वालों ने बताया कि आश्रम में बंधी रहने वाली गाय भी बछड़े समेत घटना के बाद से नहीं दिखी। उसे कौन ले गया, किसी को कुछ पता नहीं। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज मामले की पड़ताल शुरू कर दी है, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
बीती रात गर्रा नदी किनारे स्थित रुद्रपुर गांव से इस घटना के सिलसिले में पुलिस ने जिन युवकों को उठाया था, उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही पुलिस यहां रहने वाले सेवादार घनश्याम को कृपाल मर्डर केस में पकड़े गए नारायण के संदर्भ में पूछताछ के लिए ले गई थी। शनिवार को यहां अज्ञात लोगों ने घुसकर तोड़ की और प्रचार सामग्रियां आग के हवाले कर दीं। रविवार को भी उसी ढेर में आग सुलग रही थी और धुआं उठ रहा। पास ही पगड़ी रौंदे हुए हाल में पड़ी थी। परिसर से बाहर गांव में पंचायत भवन के पास आश्रम का ही लकड़ी का बक्सा, कपड़े के टुकड़े और साहित्य सामग्री फेंके हुए दिखे। एसपी बबलू कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है और आगजनी- तोडफ़ोड़ में शामिल रहे लोगों को पता लगवाया जा रहा है।
नागेंद्र-घनश्याम को लेकर जांच टीमें रवाना
शाहजहांपुर। आसाराम दुराचार प्रकरण में गवाहों को तोड़ने या उनका सफाया करने की साजिश को अंजाम देने में जुटे गुर्गों की तलाश में शाहजहांपुर पुलिस की तीन जांच टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में रविवार को रवाना हो गईं। पूछताछ के लिए रोके गए जोधपुर आश्रम से जुड़े सेवादार नागेंद्र और शाहजहांपुर के रुद्रपुर गांव से जुड़े सेवादार घनश्याम एक-एक टीम के साथ ले जाए गए हैं। इसी बीच जेल गए नारायण पांडेय उर्फ पुष्पेंद्र पांडेय के पुलिस रिमांड पर लिए जाने संबंधी याचना पर सोमवार को सीजेएम कोर्ट में सुनवाई होनी है।
गवाह कृपाल को मरवाने की साजिश में अब भी फरार चल रहे अर्जुन, संजय और राघव की सरगर्मी से तलाश कराई जा रही है। इनके आसाराम के ही किसी अनुयायी के यहां वेश बदलकर छुपे होने की आशंका है। ताजा मोबाइल काल डिटेल के आधार पर पुलिस उक्त दो सेवादारों को निशानदेही के लिए साथ ले गई हैं। फरार चल रहा अर्जुुन इस समय आसाराम की ओर से वित्तीय प्रबंधन का काम संभाले हुए है। वही गवाहों से लेकर सेवादारों एवं अन्य के लिए खर्च का प्रबंध करा रहा है। यह तथ्य पुष्ट होने के बाद ही टीमें यहां से गोपनीय ठिकानों के लिए रवाना हुई हैं। एसपी बबलू कुमार के अनुसार, अभी कुछ भी बताने लायक नहीं है। अभी गोपनीयता से सारे काम जारी हैं और जैसे ही कोई ठोस तथ्य साक्ष्य समेत मिलेगा वैसे ही जानकारी दी जा सकेगी।