शाहजहांपुर में डाक घर की पत्र पेटी। संवाद
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शाहजहांपुर। तकनीक के दौर में जहां व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक का उपयोग बढ़ गया है, वहीं चिट्ठियों का दौर लगभग खत्म हो रहा है। इसको बचाए रखने के लिए डाक विभाग लाल बॉक्स यानी लेटर बॉक्स को नई पहचान देने की कोशिश में लगा है। अब ये लेटर बॉक्स स्मार्ट हो रहे हैं। इनको जीपीएस से जोड़ा जा रहा है। लगभग सभी बॉक्स तकनीक से जुड़ भी गए हैं। जो रह गए हैं उन्हें अपडेट किया जा रहा है। इससे डाक के देरी से पहुंचने की संभावना लगभग खत्म हो गई है।
जिले में करीब 55 लेटर बॉक्स हैं, जिनकी ऑनलाइन निगरानी शुरू हो गई है। इसके लिए उन्हें जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) से जोड़ा जा रहा है। जीपीएस सुविधा वाले लेटर बॉक्स को नियमित रूप से नहीं खोलने पर पोस्टमैन पकड़ में आ जाएंगे। प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था के बाद पोस्टमैन लेटर बॉक्स खोलने के संबंध में गलत रिपोर्टिंग नहीं कर सकते हैं। जो लेटर बॉक्स नहीं खुलेगा, उसका पता चल जाता है। जीपीएस से जोड़ने के बाद लेटर बॉक्स की मॉनिटरिंग स्थानीय स्तर से लेकर दिल्ली तक के डाक विभाग के अधिकारी करते हैं। बताया कि अब पोस्टमैन द्वारा मोबाइल पर पिन कोड के अलावा पांच अंक का कोड डालने पर रजिस्ट्रेशन होते ही लेटर बॉक्स खुलेगा। बॉक्स के खुलते ही मॉनिटरिंग कर रहे अधिकारी को पता चल जाएगा। जिस दिन लेटर बॉक्स नहीं खुलेगा, इसकी उन्हें जानकारी होगी। नियमित रूप से लेटर बॉक्स खुलने से उपभोक्ताओं की डाक समय से गंतव्य स्थान पर पहुंचेगी। बताया कि लगभग सभी बॉक्स जीपीएस से जोड़ दिए गए हैं। हालांकि कुछ अपडेट होने के चलते रह गए हैं। जिले में कुछ जगह व्यवस्था शुरू भी कर दी गई है।
डिजिटल इंडिया के तहत तकनीक से जुड़ेंगे लेटर बॉक्स
डिजिटल इंडिया के तहत लेटर बॉक्स से पत्रों की निकासी को सॉफ्टवेयर आधारित तकनीक से जोड़ा जा रहा है। जीपीएस से जुडे़ सॉफ्टवेयर के माध्यम से पत्रों की निकासी की निगरानी की जा रही है। जिले के लगभग सभी बॉक्स जीपीएस से जुड़ गए हैं। हालांकि कुछ साफ्टवेयर अपडेट होने के चलते रह गए हैं। शहर में 24 बॉक्स लगे हैं। प्रधान डाकघर, कलक्ट्रेट, बहादुरगंज पोस्ट ऑफिस, कचहरी पोस्ट ऑफिस आदि स्थानों पर लगे लेटर बॉक्स में बार कोड लगा है।