शाहजहांपुर। परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के तबादले के बाद विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी एक मंच पर आ गए। उन्होंने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अनियमित समायोजन कर 60 से 70 किलोमीटर दूर तबादला करने का आरोप लगाते हुए 19 जनवरी से आंदोलन की रणनीति तैयार की है।
आरोप है कि बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के 271 शिक्षकों के तबादले बिना विकल्प लिए कर दिए। इसमें शिक्षक नेता राजकुमार तिवारी, सरताज अली, राजकमल आर्य समेत कई प्रमुख लोग जद में आए। गंभीर रोग से पीड़ित व मार्च में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक भी दूरस्थ स्कूलों में भेज दिए गए।
इसे लेकर शिक्षकों में जबर्दस्त नाराजगी है। अब तक अलग-अलग विरोध जता रहे संगठन बृहस्पतिवार को एक मंच पर आ गए। रोटी गोदाम स्कूल में प्राथमिक शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, यूटा, बीटीसी शिक्षक संघ ओर कौमी उर्दू शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने संयुक्त शिक्षक संघर्ष मोर्चा बना लिया। मोर्चा ने निर्णय लिया कि 19 जनवरी को पूर्वाह्न 11 बजे बीएसए कार्यालय में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन होगा। 20 जनवरी को जीआईसी खेल मैदान पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मुनीश मिश्र ने कहा कि यह समायोजन पूरी तरह शिक्षक उत्पीड़न की नीयत से किया गया है। इसमें वरिष्ठता का पालन किया गया। महिला व गंभीर बीमार शिक्षकों की परिस्थितियों को नहीं देखा गया। महासंघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि अनियमित समायोजन के कारण दर्जनों विद्यालय बंद या एकल अध्यापक वाले हो गए हैं।
शिक्षक नेता हरिशंकर, नफीस अहमद, सरताज अली, देवेश वाजपेयी, अंकुर त्रिपाठी ने समायोजन निरस्त करने की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया। इस मौके पर रवींद्र पाल प्रजापति, अश्विनी अवस्थी, उपेंद्र गुप्ता, इमरान सईद, देवेंद्र सिंह, अवनीश सिंह, उमेश चंद्र सक्सेना, सचिन अवस्थी आदि मौजूद रहे।
न्यायालय के आदेश पर तबादले किए गए हैं। शिक्षक संगठनों के ज्ञापन को संज्ञान में लेते हुए प्रत्यावेदन मांगे गए हैं। जिला समिति के सामने प्रत्यावेदन रखे जाएंगे। वहीं से निर्णय लिया जाएगा।
- दिव्या गुप्ता, बीएसए