मीरानपुर कटरा। घर से खिलखिलाते हुए निकले असद के करंट लगने से चीख सुनकर मां रेशमा बेगम नंगे पैर ही दौड़ आई। बेटे को मोहल्ले के लोगों के सहयोग से करंट से छुड़ाने के बाद जिंदा होने की आस लेकर सीएचसी पहुंची। डॉक्टर के मुंह से बेटे की मौत की बात सुनकर वह बिलख पड़ी।
सीएचसी में बेटे के शव को गोद में लेकर बिलख रही रेशमा के पास पुलिस पहुंची और पोस्टमाॅर्टम की बात कही तो वह शव देने को तैयार नहीं हुईं। उनका कहना था कि बेटा जिंदा है और उसकी धड़कन चल रही है। वह असद को नहीं ले जाने देंगी। आसपास की महिलाओं ने उन्हें संभाला। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। भाई की मौत से छह वर्षीय अर्श और चार वर्षीय मन्नत के आंसू भी नहीं थम रहे थे। जलालुद्दीन पत्नी और बच्चों को संभालते रहे।
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इंसुलेटर लगाने और चेकिंग में लापरवाही, सपोर्टिंग तारों में उतर रहा करंट
बिजली कर्मियों के अनुसार लाइन बनाते समय खंभे के सपोर्टिंग तार में करंट उतरने से बचाने के लिए इंसुलेटर लगाया जाता है। इंसुलेटर नहीं लगाने या टूट जाने पर खंभे के सपोर्ट के लिए लगाए गए अर्थिंग तार में करंट उतरने लगता है। नियम के अनुसार लाइनमैन को गश्त के दौरान ऐसे तारों की निगरानी कर इंसुलेटर लगाने का इंतजाम करना चाहिए। आरोप है कि जेई से लेकर लाइनमैन तक इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में अर्थिंग तारों में करंट उतरने से कई हादसे हो चुके हैं।
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एक माह पहले दी थी सूचना, हादसे के बाद ले गए तार
मृतक के पिता जलालुद्दीन अंसारी ने बताया कि बारिश के दौरान जलभराव होने पर बिजली खंभे और अर्थिंग तार के आसपास करंट उतर आता था। इसकी सूचना एक माह पहले विद्युत निगम के अफसरों और स्थानीय कर्मचारियों को दी थी, लेकिन शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया। हादसे के बाद निगम की टीम अर्थिंग वाला तार निकालकर ले गई। विद्युत निगम के उपखंड अधिकारी धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि खंभे में करंट उतरने की सूचना उन्हें नहीं मिली थी। मृतक के पिता की बात का संज्ञान लेकर जांच कराई जाएगी।
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मामले की जानकारी मिलने पर अवर अभियंता संजय कुमार को नोटिस जारी कर शुक्रवार दोपहर तक स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अर्थिंग वाले तारों को सुरक्षित करने के लिए पूर्व में भी सभी को निर्देश दिए गए थे।
- अनुज प्रताप सिंह, अधीक्षण अभियंता
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ये हुए हादसे
- 14 जून: मिर्जापुर के गांव नई बस्ती भौती में संगीता की बिजली खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हुई थी।
- 24 जून: कांट के मोहल्ला मरहैया रहमतपुर निवासी फुरकान के पांच वर्षीय बेटे अमान की खंभे के सपोर्ट तार में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हुई थी।
- 22 मार्च: बंडा के गांव रामदेवरी निवासी ब्रजेश खेत में लगे तार में करंट उतरने से झुलस गए थे। बरेली ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी।