बच्चों की मौत से परिजन बदहवास
भाई-बहन की मौत से पूरा परिवार दहल उठा और परिजन बदहवास हो गए। शाम को जब बच्चों के शव गांव पहुंचे तो भीड़ लग गई। पिता अनुज और चाचा बिलखते हुए एक-दूसरे को संभाल रहे थे। इस दौरान ग्रामीण उन्हें ढांढस बंधाते रहे। मां ऊषा और 14 वर्षीय बहन प्रयांशु का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शाम करीब पांच बजे परिजन दोनों बच्चों के शव लेकर रामगंगा के डांडी घाट पहुंचे और वहां आसपास ही दोनों को दफना दिया। अभी मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. शजर ने बताया कि पहले परिजन अनमोल को लेकर आए थे, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। कुछ देर बाद सुनैना गंभीर हालत में लाई गई। इसलिए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। दोनों बच्चों में बुखार और संक्रमण की आशंका लग रही थी।
एसीएमओ डॉ. पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि टीम को गांव भेजकर जानकारी ली जाएगी। पोस्टमॉर्टम कराया जाता तो स्थिति और स्पष्ट हो जाती। सीओ इशिका सिंह ने बताया कि इस संबंध में पुलिस को सूचना नहीं दी गई है।