पावर कॉरपोरेशन के चिनौर स्थित 132 केवी सब स्टेशन के यार्ड में रविवार को दोपहर मेन लाइन पर उड़ती चील के मांस गिरा देने से यार्ड की मशीन में शार्ट सर्किट हो गया। लाइन के दो आइसोलेटर जल जाने से गोविंदगंज सब स्टेशन से जुड़े इलाकों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। यही नहीं, यार्ड में आइसोलेटर और अन्य उपकरण बदले जाने के बाद सप्लाई चालू करने पर फिर फाल्ट हो गया। पावर सिस्टम में आई इन खराबियों के चलते शहर के कई मोहल्लों और कालोनियों में करीब तीन घंटे तक बत्ती गुल रही।
ट्रांसमिशन विंग के पैना स्थित 220 केवी पावर स्टेशन से जुड़े शहर के 132 केवी सब स्टेशन से चिनौर समेत शहर के गोविंदगंज सब स्टेशन को बिजली सप्लाई दी जाती है। गोविंदगंज से टाउनहॉल, आवास विकास आदि के फीडर निकले हैं। पूर्वांह 11 बजे के बाद तक चिनौर के 132 केवी सब स्टेशन से गोविंदगंज सब स्टेशन और चिनौर क्षेत्र को बिजली सप्लाई सामान्य रूप से जारी रही, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे वहां की मेन लाइन ट्रिप हो गई। कंट्रोल रूम के सारे पैनल ठप हो जाने पर पारेषण खंड के अधिशासी अभियंता राजीव उपाध्याय ने यार्ड की मशीनरी चेक कराई तो मेन लाइन के दो आइसोलेटर जले पाए। बाद में एक्सईएन ने लाइन की पेट्रोलिंग के लिए कर्मचारियों की टीम को रवाना किया।
फील्ड स्टाफ द्वारा लाइन की जांच करने पर पता चला कि सेना के चांदमारी मैदान के पास लाइन पर किसी पशु के मांस के टुकड़े तार में फंसे हैं। वहां से कुछ फासले पर ही ककरा का स्लाटर हाउस है। चूंकि, स्लाटर हाउस से मांस के टुकड़े लेकर चील-कौऐ अक्सर लाइनों पर बैठते हैं और ऐसी स्थिति में लाइनें शार्ट सर्किट की शिकार बन चुकी हैं। इसलिए वहां के एसडीओ और जेई इसी नतीजे पर पहुंचे कि किसी पक्षी की हरकत से चलती लाइन पर मांस का टुकड़ा गिरने से यह फाल्ट हुआ। इस खराबी को ठीक करके लाइन पर बिजली लोड डाला गया, लेकिन दोबारा फ्यूज उड़ने के साथ लाइन फिर से ट्रिप हो गई। नतीजे में नए सिरे से लाइन चेक की गई।
पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की इन खराबियों के कारण दोपहर 12 बजे से लेकर अपराह्लन तीन बजे तक चिनौर समेत गोविंदगंज, चर्च कालोनी, आफीसर्स कालोनी, डीएम कंपाउंड, टाउनहॉल, स्टेशन रोड आंशिक, बाड़ूजई प्रथम, बाड़ूजई पेशावरी, पीली मस्जिद, रेलवे मालगोदाम रोड, भारद्वाज कालोनी, सिविललाइंस, इंदिरानगर, कटिया टोला, लाल इमली चौराहा आदि क्षेत्रों के करीब आठ हजार घरों में बिजली संकट बना रहा।