उसने सादिक को फंसाने की योजना बनाई और दूसरे के नाम का सिम लेकर तमंचा, करतूस सहित अन्य सामान सादिक की दुकान में रखकर पुलिस और मीडिया को फोन कर दिया। कॉल करने के बाद उसने सिम और मोबाइल को तोड़कर पुवायां में ही नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने सईद का चालान कर दिया, कोर्ट से उसे जेल भेज दिया गया है।
सिम विक्रेता और आरोपी के बयानों में विरोधाभास
बैग रखने के आरोपी और उसे दूसरे के नाम का सिम बेचने वाले के बयानों में विरोधाभास है। सिम विक्रेता रबीउल्ला ने बताया था कि सिम उसने एक प्रधान के भाई को बेचा था। पुलिस ने इसका प्रेस नोट भी जारी किया था। उधर, सईद खुद रबीउल्ला से सिम खरीदने की बात कह रहा है। चर्चा है कि प्रधान के भाई को बचाने के लिए सईद को मोहरा तो नहीं बनाया गया है। थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।