शाहजहांपुर जिले में छुट्टा पशुओं के हमले थम नहीं रहे। खुटार में सांड़ के हमले में घायल दुकानदार की मौत हो गई। होली से पहले हुई घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
शाहजहांपुर जिले में छुट्टा गोवंशीय पशुओं के हमले से लगातार लोगों की जान जा रही है। बृहस्पतिवार को सांड़ के हमले में गंभीर रूप से घायल दुकानदार की इलाज के लिए शाहजहांपुर ले जाते समय मौत हो गई। होली के त्योहार पर दुकानदार की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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गांव रुजहा कलां निवासी 48 वर्षीय रामकुमार साइकिल मिस्त्री थे। उन्होंने गांव की मोड़ पर साइकिल मरम्मत के लिए खोखा रखा हुआ था। बृहस्पतिवार को वह दुकान पर काम कर रहे थे। पूर्वाह्न लगभग साढ़े 11 बजे वह खोखे के पीछे गए तो वहां खड़े सांड़ ने रामकुमार पर हमला कर गंभीर घायल कर दिया।
रामकुमार के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग लाठी, डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और सांड़ को भगाया। जानकारी पाकर परिजन भी मौके पर पहुंचे और 108 सेवा की एंबुलेंस से रामकुमार को खुटार सीएचसी पर भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने रामकुमार को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
राजकीय मेडिकल कॉलेज में रामकुमार को मृत घोषित कर दिया गया। रामकुमार की मौत की सूचना घर पहुंची तो परिजन बिलख उठे। रामकुमार की मौत से पत्नी कुसुमा देवी, पुत्र नरेंद्र, अनिल, शिवा, हरपाल, पुत्री चांदनी का रो-रोकर बुरा हाल है। होली के पर्व से एक दिन पहले हुई घटना से गांव के लोग भी गमगीन हैं।
एसडीएम पुवायां संजय पांडे ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। मृतक का पंचनामा कराकर सहायता के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। छुट्टा पशुओं के लिए खुटार के खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए जाएंगे। पशुओं को संरक्षित कराया जाएगा।
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छुट्टा पशु पकड़े जाने का दावा खोखला, हाईवे से गांव तक घूम रहे सांड़
खुटार। प्रशासन का दावा है कि छुट्टा पशुओं को गोशालाओं में भेजा गया है, लेकिन हकीकत ठीक इसके विपरीत है। हाईवे से लेकर गांवों तक पशुओं के झुंड घूम रहे हैं। किसान जान जोखिम में डालकर रात-रातभर फसलों की रखवाली करते हैं।
सरकार और शासन, प्रशासन छुट्टा पशुओं को लेकर सख्त है। स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि छुट्टा पशुओं को हर हाल में गोशाला भेजा जाए, लेकिन अधिकारी आदेशों को दबाकर बैठ जाते हैं। खुटार से पुवायां मार्ग पर पशुओं का पहला झुंड श्रीराम खांडसारी मिल के पास मिलता है। इसमें 20 से लेकर 50 तक पशु रहते हैं। इसके बाद गांव रूजहा कलां के पास, रामपुर कलां के पास, लक्ष्मीपुर मोड़, गंगसरा, बितौनी और धारा के पास छुट्टा पशु हाईवे पर बैठे रहते हैं।
गांव रसवां कलां, राठ, कुभियां माफी, सिल्हुआ, रूजहा कलां, नरौठा सहित कई गांवों के पास पशुओं के झुंड देखे जा सकते हैं। छुट्टा पशु जरा सी चूक होने पर फसलों में भारी नुकसान करते हैं और कई सांड़ तो भगाए जाने पर हमलावर हो उठते हैं। ऐसे सांड़ों को किसान एकजुट होकर भगाते हैं, तब सांड़ आसपास के दूसरे गांवों में चले जाते हैं और वहां आतंक मचाते हैं।
छुट्टा पशुओं के हमलों हुई मौतें
- 30 जून 2024 : सिंधौली के मिश्रीपुर गांव निवासी संजय सिंह की सांड़ के हमले से मौत।
- 20 अगस्त 2024 जलालाबाद के शाहपुर गांव निवासी चरन सिंह की सांड़ के हमले से मौत
- 15 अक्तूबर 2024: बंडा के पिपरा जप्ती गांव निवासी ओमप्रकाश को सांड़ ने पटककर मार डाला, कई लोगों को किया घायल।
- 18 दिसंबर 2024 मदनापुर के बरखेड़ा जैपाल गांव के पास पशु से टकराकर कार सवार दंपती, उसके दो बच्चे समेत सात लोगों की मृत्यु हो गई थी।
-13 जनवरी 2025 मदनापुर के नरदरा गांव निवासी लज्जावती की सांड़ फरिट के हमले से मौत हो गई थी।
-19 जनवरी 2025 निगोही के घाटबोझ गांव निवासी लीलावती को सांड़ ने पटक-पटक कर मार डाला था।
- 21 जनवरी 2025 निगोही के चकौरा गांव निवासी अजयवीर की सांड़ के हमले से जान चली गई थी।
- तीन मार्च 2025 : तिलहर गांव सुनौरा अजमतपुर निवासी विनीता की सांड़ के हमले में मौत हो गई थी।
- आठ मार्च 2025 : अल्हागंज के लालपुर इमलिया निवासी किसान सरुरेंद्र की फसल की रखवाली करते समय सांड़ के हमले में मौत।