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मानदेय के साथ शिक्षक का वेतन भी ले रहा शिक्षामित्र

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शाहजहांपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े के नित नए केस सामने आ रहे हैं। आगरा विश्वविद्यालय से बीएड के फर्जी अंकपत्रों के शिक्षक बनने के मामले सामने आने के बाद जब विभाग ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की शिक्षिकाओं और शिक्षामित्रों की फाइलें खंगालीं, तो उसमें में फर्जीवाडे़ की परतें खुलनी शुरू हो गईं। अब एक शिक्षामित्र विभाग के चंगुल में फंसा है, जो शिक्षामित्र के मानदेय के साथ शिक्षक का वेतन भी ले रहा है, जिसकी जांच शुरू हो चुकी है। मामले में ब्लॉक स्तरीय विभागीय कर्मचारी की मिलीभगत सामने आ रही है, जिस पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
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जांच-पड़ताल में अभी तक चार शिक्षामित्र दो-दो स्कूलों से मानदेय जेबों मेें भरते पाए जा चुके हैं। इसमें एक ने तो अतिरिक्त प्राप्त किए मानदेय के रूप में डेढ़ लाख रुपया विभाग को जमा भी कर दिया। इस शिक्षामित्र को बड़ी कार्रवाई का डर था। शेष दोहरा मानदेय लेने वाले तीन शिक्षामित्रों के बारे में विभाग जानकारी जुटा रहा है। इसी जांच-पड़ताल में विकासखंड भावलखेड़ा में एक शिक्षामित्र ऐसा भी पकड़ में आया है, जो अपने मानदेय के साथ शिक्षक पद की सैलरी भी विभाग से ले रहा है। बताया जाता है कि पहले जब शिक्षामित्रों को शिक्षक पद समायोजित किया गया था और बाद में फिर शिक्षामित्र पद पर वापस भेज दिया गया था, यह मामला उसी से जुड़ा है। अप्रैल 2019 से वेतन के साथ शिक्षामित्र अपना मानदेय भी लेता रहा, बीच में वेतन बंद कर दिया गया, लेकिन विभागीय मिलीभगत से फिर उसने शिक्षक पद का वेतन लेना शुरू कर दिया। अब इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें दोषी कर्मचारी पर बड़ी कार्रवाई होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
एक ही व्यक्ति को मानदेय और वेतन दिए जाने के मामले में जांच चल रही है। डिटेल भी तलाशी जा रही है। मामला गंभीर है, इसलिए पूरी तहकीकात होना बहुत जरूरी है। मामले में प्रथम दृष्टया ब्लॉक स्तर पर लापरवाही उजागर हो रही है। जांच के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा। दोषियों पर कार्रवाई जरूर की जाएगी।
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- राकेश कुमार, बीएसए
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