शाहजहांपुर। देवी मां की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र सोमवार को घट स्थापना के साथ शुरू हो जाएंगे। इसको लेकर रविवार को देवी मंदिरों और घरों में तैयारी की गई। बाजार में पूजा सामग्री की खरीदारी चलती रही।
रविवार को शहर के खिरनीबाग स्थित कालीबाड़ी मंदिर, टाउनहाल में नवदुर्गा मंदिर, चौक में फूलमती मंदिर, मंडी स्थित दुर्गा माता मंदिर के साथ ही बाबा विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर समेत सभी मंदिरों में शारदीय नवरात्र को लेकर तैयारियां हुईं। माता के आगमन से पूर्व मंदिरों की रंगाई-पुताई के साथ बिजली की झालरों और फूलों से सजावट की गई। शारदीय नवरात्र को लेकर बाजार व मंदिरों के साथ ही घरों में भी रौनक देखी गई। घर-घर में पूजा घर की सफाई कर कलश स्थापना के लिए पूजा स्थल को संवारा जाता रहा। मंडी स्थित दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि सोमवार को या देवी सर्वभूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता की जयघोष के साथ देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का पर्व शुरू होगा। माता के भक्त नौ दिनों का उपवास रखकर दुर्गा सप्तशती का पाठ भी करेंगे।
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
पुजारी अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन यानी 26 सितंबर को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:11 मिनट से लेकर 07:51 मिनट तक है। वहीं इस दिन सुबह 06:11 मिनट से 07:42 मिनट तक सर्वोत्तम मुहूर्त है। इस शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करना विशेष लाभकारी होता है। वहीं राहुकाल सुबह 10:32 से दोपहर 12:03 बजे तक रहेगा। राहुकाल को छोड़कर किसी समय भी कलश स्थापना की जा सकती है।
ऐसे करें कलश स्थापना
नवरात्र के पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करें। इस दिन स्नान करने के पश्चात मिट्टी के बड़े पात्र में मिट्टी डालें और उसमें जौ के बीज डाल दें। इसके बाद पात्र में थोड़ी और मिट्टी डालें और फिर जौ के बीज और डाल दें। इसमें थोड़ा-सा जल डालें। कलश में मौली बांधकर तिलक लगाएं। अब आप कलश को गंगाजल से भर दें। इस जल में सुपारी, इत्र, दूर्बा, अक्षत और सिक्का डालें। इस कलश के किनारे पर पांच अशोक के पत्ते रखें और कलश को ढक दें। अब आप नारियल और चुनरी को रक्षा सूत्र से बांध दें। इसके बाद आप घट स्थापना वाली जगह को साफ कर वहां पर मिट्टी वाला पात्र रखें और उसके ऊपर अपने कलश को रखें। कलश के ढक्कन पर नारियल रख दें। इस तरह से आपकी कलश स्थापना पूरी हो जाएगी। इसके बाद मां दुर्गा का आह्वान करके नवरात्र की पूजा शुरू करें।
पूजन सामग्री और माता के शृंगार के सामान की हुई खरीदारी
शारदीय नवरात्रों को लेकर शनिवार को ही शहर के बाजारों में पूजन सामग्री, शृंगार और फलों की दुकानें सज गई थी। रविवार को माता की लाल-पीले चुनरी से लेकर माला, सजावट के समान, मिट्टी के कलश, दीया, दियरी, धूप, अगरबत्ती, नारियल व शुद्ध घी समेत पूजन सामग्री की खरीदारी को लोग जुटे रहे। शहर के बहादुरगंज में पुराना फव्वारा तिराहा के पास, सब्जी मंदिर के समीप व चौक मंडी दुर्गा माता मंदिर के आसपास लगी पूजा सामग्री की दुकानों पर भीड़ रही। देवी माता के लिए चूड़ी, बिंदी, सिंदूर आदि सामान खरीदने को महिलाएं पहुंचीं। खिरनीबाग में फोटो फ्रेमिंग तथा बहादुरगंज में पोस्टर की दुकानों पर सबसे अधिक लोग माता रानी के फोटो फ्रेमिंग और फोटो खरीदने के लिए देर शाम तक पहुंचते रहे।