निगोही। क्षेत्र के गांव उदरिया के पास शारदा नहर में पानी के तेज बहाव के कारण नहर की स्थानीय शाखा की कमजोर पड़ चुकी पटरी का एक हिस्सा शनिवार को देर रात कट जाने से आसपास के कई गांवों की सैकड़ों बीघा धान और गन्ने की फसलें जलमग्न हो गईं हैं। इससे किसानों को फसली क्षति होने की चिंता सता रही है।
गांव उदरिया के सामने उत्तर दिशा में शारदा नहर की स्थानीय शाखा निकली है। आधी रात तक कई किसान खेतों पर मौजूद रहकर पानी लगाते रहे और तब तक नहर सही हालत में रही, लेकिन देर रात किसी समय नहर कट गई। सुबह फसलों की देखभाल के लिए किसान खेतों पर पहुंचे तो उदरिया, ककरहा, गौशनगर, चांदनगर आदि के निकटवर्ती सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न मिले। नहर विभाग की उदासीनता के कारण उदरिया गांव के पास बीते दो माह में तीन बार नहर कट चुकी है। विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अवर अभियंता अनिल सक्सेना ने रविवार को दोपहर ग्रामीणों के सहयोग से नहर की क्षतिग्रस्त पटरी के पास मिट्टी से भरी बोरियां डालकर खेतों की ओर पानी के बहाव को रोक दिया। अधिशासी अभियंता (शारदा नहर खंड) आरके वर्मा का कहना है कि खेतों में ज्यादा पानी नहीं भरा है। खेतों का पानी दो दिन में सूख जाएगा। एक्सईएन वर्मा के अनुसार सोमवार को नहर के टूटे हिस्से की मरम्मत करा दी जाएगी। संवाद