पुवायां में शिव महापुराण की कथा सुनते श्रद्धालु। संवाद
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पुवायां। कैमहरा रोड पर एक पैलेस में चल रही शिव महापुराण कथा को मंगलवार को विश्राम दिया गया। इस दौरान हनुमान और शनिदेव की कथा सुनाई गई। इसके बाद सुंदरकांड का पाठ और भंडारा हुआ। कथा व्यास शिवलाल शुक्ला ने सुनाया कि एक बार शनिदेव ने हनुमान से कहा कि हमारे साथ युद्ध करो, हम तुम्हारे ऊपर आ रहे हैं। हनुमान ने शनिदेव से कहा कि वह बुजुर्ग हो गए हैं तो शनिदेव किसी और के पास चले जाएं, लेकिन शनिदेव हनुमान की पीठ पर बैठ गए। हनुमान ने अपने शरीर को पत्थरों से इतना रगड़ा कि शनिदेव लहूलुहान हो गए। तब शनिदेव ने हनुमान से प्रार्थना करते हुए कहा कि अपने भक्तों से कुछ तेल, रोगन दिला दें, जिसे वह अपने शरीर पर लगाकर पीड़ा से राहत पा सकें।
शनिदेव ने यह भी वचन दिया कि हनुमान के भक्तों से वह दूर रहेंगे और शनिवार को जो भी उन पर तेल चढ़ाएगा और पीपल के पास दीपक जलाएगा, उसका कल्याण होगा। संवाद