शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी शाहजहांपुर-बालामऊ मेल एक्सप्रेस ट्रेन । संवाद
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शाहजहांपुर। कोरोना संक्रमण काल में 11 महीने तक बंद रही शाहजहांपुर-बालामऊ पैसेंजर सोमवार को फिर चल पड़ी। ट्रेन को मेल एक्सप्रेस के रूप में चलाया गया। शाहजहांपुर से चली इस ट्रेन में सिर्फ पांच यात्री ही बैठे। ट्रेन में नौ डिब्बे लगे थे। रेल अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन के चलने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। लेकिन पहले दिन कम टिकट बिकने से रेलवे को नुकसान हुआ है।
सोमवार को शाहजहांपुर-बालामऊ मेल एक्सप्रेस सुबह 6:30 बजे शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से चली। पहले दिन शाहजहांपुर से बालामऊ तक 960 रुपये के कुल 30 टिकटों की बिक्री हुई। जबकि शाहजहांपुर से बालामऊ तक 300 लीटर डीजल की खपत हुई। शाहजहांपुर से रोजा तक लोको पायलट हसन हुसैन और रोजा से बालामऊ तक लोको पायलट दयाराम ट्रेन लेकर गए। रोजा रेलवे स्टेशन पर दोनों लोको पायलटों के साथ ही गार्ड किशोरी लाल को तिलक लगाकर माल्यार्पण किया गया और मिष्ठान खिलाया गया। इसके बाद रोजा से ट्रेन रवाना हुई। लोको निरीक्षक अनिल कुमार बड़ाईक ने बताया कि शाहजहांपुर से बालामऊ तक 300 लीटर डीजल खत्म हुआ है। सीएमआई ने बताया कि शाहजहांपुर में छह, रोजा में चार, शाहबाद में एक, बेहटा गोकुल में 12, टोंडरपुर में पांच और बघौली में दो टिकट बिके। लेकिन हरदोई में टिकट बिक्री का खाता तक नहीं खुला। इस तरह से पहले दिन बालामऊ मेल एक्सप्रेस घाटे में चली गई।
नए कलेवर में ट्रेन चलने से यात्री खुश
11 महीने के बाद ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री राकेश कुमार ने बताया कि शाहजहांपुर से हरदोई के लिए यात्रा कर रहे हैं। ट्रेन पहले से काफी बदली हुई है। सीट गद्देदार हो गई है, तो मोबाइल चार्जिंग के लिए सॉकेट की व्यवस्था भी है। जिससे यात्रियों को सफर के दौरान मोबाइल चार्जिंग के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। बालामऊ पैसेंजर के दोबारा संचालन से काफी खुश है।