फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: पॉक्सो एक्ट के दोषी को सात वर्ष की कैद

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। दिव्यांग और मानसिक मंदित किशोर के प्राइवेट पार्ट में रस्सी से ईंट बांधकर लटकाकर घुमाने और उसका वीडियो बनाने के दोषी को अदालत ने सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन

बंडा थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसका 14 वर्षीय बेटा एक पैर से दिव्यांग और मानसिक मंदित है। 26 मई 2019 को दिन में 12 बजे एक नाबालिग, मलखान और रमाकांत उसके बेटे को घर से बुलाकर ले गए। उन लोगों ने बेटे को बाग में ले जाकर डंडे से डराकर उसके प्राइवेट पार्ट में प्लास्टिक की रस्सी बांधकर उससे ईंट लटकाकर बांध दी।
डरा-धमकाकर बाग में नंगा घुमाया। नाबालिग ने मोबाइल से वीडियो बनाकर वाट्सएप पर डाला। जब उसका बेटा घर आया तो उसने प्राइवेट पार्ट में दर्द बनाया। वीडियो देखकर उसे घटना की जानकारी हुई। जब वह शिकायत करने नाबालिग के घर गए तो उसके साथ उसके परिजनों ने उन लोगों को धमकाते हुए हुए मारपीट की। पुलिस ने अपचारी किशोर के खिलाफ आरोपपत्र किशोर न्यायालय में प्रेषित किया।
विज्ञापन

वहीं, मलखान की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। मारपीट और धमकाने की आरोपी दो महिलाओं समेत तीन के खिलाफ आरोपपत्र अलग से भेजा गया। रमाकांत के खिलाफ आईपीसी, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की धाराओं में आरोप पत्र भेजा गया।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनोज कुमार सिद्धू ने रमाकांत को पॉक्सो एक्ट के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। मारपीट और धमकाने के आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें