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Shahjahanpur News: अर्थिंग से बच्चों को करंट लगने पर भी नहीं बदली स्कूल की बिजली केबल

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प्राथमिक स्कूल की केबल में लगा जोड़। संवाद
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कांट। बलीपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को सुबह बिजली के टूटे केबल से खिड़की में अर्थिंग आने से तीन बच्चों के करंट की चपेट में आने से ग्रामीण अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने स्कूल के शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक स्कूल की मुख्य लाइन का जर्जर केबल बदलकर वायरिंग नहीं सुधारी जाएगी, वह बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
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शनिवार को दोपहर स्कूल की खिड़की के पास पहुंची कक्षा एक की छात्रा राधिका को अर्थिंग से करंट लग गया था। बाद में दो अन्य बच्चों को भी खिड़की के पास करंट का झटका लगा था। राधिका का परिजनों ने एक निजी अस्पताल में उपचार कराया और बाकी दोनों बच्चों को सीएचसी भेजा था। गनीमत रही कि तीनों बच्चे बाल-बाल बच गए। तत्काल उपचार मिलने से उनकी हालत सुधर गई, लेकिन इस हादसे से स्कूल के शिक्षकों ने कोई सबक नहीं लिया।
दो दिन बाद भी स्कूल के कनेक्शन का जर्जर हो चुका केबल बदलवाने की जरूरत नहीं समझी गई है। इसीलिए न केवल बच्चों, बल्कि उनके अभिभावकों में भी खौफ है।
रविवार को स्कूल बंद होने के बावजूद कई ग्रामीणों ने स्कूल के जर्जर बिजली केबल को हादसे की वजह बताया। उन्होंने केबल ठीक नहीं कराए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। गांव के ऋषि यादव ने बताया कि उनका बच्चा भी स्कूल में पढ़ता है। बच्चों को करंट लगने के बाद बिजली चली जाने से अनहोनी टल गई। गांव के लोग इस बात से भी नाराज हैं कि घटना होने के बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी बच्चों का हाल लेने गांव अथवा खराब हो चुकी बिजली लाइन ठीक कराने स्कूल नहीं पहुंचा।
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खंड शिक्षा अधिकारी नीरज शुक्ला का कहना है कि प्रधानाध्यापक अवकाश पर हैं। इसलिए सोमवार को स्कूल के केबल की जांच कराकर उसे बदलवा दिया जाएगा।

स्कूल में पहुंचे बीएसए
कांट। बलीपुर के प्राथमिक स्कूल में बच्चों के करंट का झटका लगने की सूचना के बाद रविवार की शाम को बीएसए जयशंकर श्रीवास्तव पहुंचे। उन्होंने बीईओ को बुलाया और तुरंत ही तार बदलवाने के निर्देश दिए। संवाद

बच्चों के आने से पहले ही केबल को बदलवा देंगे। इसके लिए बीईओ को निर्देश दिए गए हैं। स्वयं भी जाकर स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है।
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-जयशंकर श्रीवास्तव, बीएसए

प्राथमिक स्कूल की केबल में लगा जोड़। संवाद

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