निगोही में बंद क्रॉसिंग से गुजरते बच्चे। संवाद
निगोही। जनपद में बंद रेलवे क्राॅसिंग से निकलने के प्रयास में कई हादसे होने के बावजूद रेल कर्मचारियों के स्तर से कोई रोक-टोक नहीं की जा रही है।
हाल ही में रोजा में ट्रेन से टकराकर बाइक सवार दंपती समेत पांच मौतें होने से भी सबक नहीं लिया गया। इसका प्रमाण बुधवार को दोपहर जिदपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर देखने को मिला। पीलीभीत से आने वाली पैसेंजर ट्रेन को निकालने के लिए रेलवे क्रॉसिंग कुछ देर के लिए बंद की गई। इसी दौरान वहां आकर ठहरी एक स्कूल बस से उतरे कई बच्चे बंद फाटक के नीचे से निकलने लगे।
उन बच्चों को न तो उनके बस चालक ने रोका और न ही परिचालक ने कोई रोक-टोक की। क्रॉसिंग पर मौजूद रेलवे के कर्मचारी ने भी बच्चों को क्रॉसिंग के नीचे से निकलने से रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। तिलहर में निगोही मार्ग की रेलवे क्रॉसिंग पर भी पिछले दिनों ट्रेन की चपेट में एक बाइक आ चुकी है, जबकि उसका चालक बाल-बाल बचने के बाद भाग गया था।
लोगों का कहना है कि रेलवे के गेटमैन को बंद क्रॉसिंग से आवाजाही रोकनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किए जाने से कभी भी फिर कोई गंभीर हादसा हो सकता है। संवाद
रेलवे लाइन को पार नहीं करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। गांवों व स्कूलों में रेलवे की टीम लगातार जागरूक करतीं हैं। लोगों भी प्रेरित होने की आवश्यकता है।
-डीएस चौहान, पीआरओ, इज्जतनगर रेलवे