जीआरपी थाने पर बैठक लेते डीआईजी सौमित्र यादव
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शाहजहांपुर। राजकीय रेलवे पुलिस लखनऊ अनुभाग के डीआईजी सौमित्र यादव ने कहा कि रेलवे के ट्रेनों के स्कॉर्ट के सिपाहियों को बॉडी वार्न कैमरे दिए जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ के स्कार्ट को कैमरे उपलब्ध करा दिए गए हैं, जल्द ही थाने स्तर पर भी प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। डीआईजी ने मंगलवार को रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने लंबित विवेचनाओं को जल्द निपटाने के निर्देश दिए, साथ ही सिपाहियों से समस्याएं भी पूछीं।
मंगलवार दोपहर आए डीआईजी सौमित्र यादव को थाने पर सलामी दी गई। उन्होंने थाने के कार्यालय, हेल्प डेस्क, हवालात आदि का निरीक्षण किया। इसके बाद सिपाहियों से असलाह को खोलने और बंद करने के बारे में जानकारी ली। डीआईजी की परीक्षा में सिपाही पास हो गए। उन्होंने हरदोई, सीतापुर, बालामऊ और पीलीभीत आदि के स्टाफ से वार्ता कर ट्रेनों में सुरक्षित सफर के लिए दिशा-निर्देश दिए। सौमित्र यादव ने पत्रकारों से वार्ता में बताया कि पुलिस लगातार यात्रियों को सुरक्षित सफर देने के लिए कटिबद्ध है। स्पीकर के माध्यम से लोगों को सफर के दौरान सतर्कता बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा। स्वचालित रिपोर्ट दर्ज करने की व्यवस्था पहले से ही रेलवे पुलिस के पास संचालित है।
उन्होंने कहा कि जनरल कोच में यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसलिए वहां भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यात्रियों को अंजान लोगों से खाने-पीने से बचने के लिए सचेत किया जा रहा। इससे जहरखुरानी की घटनाओं में कमी आई है। अधिकतर पंजाब से बिहार जाते समय जहरखुरानी की घटनाएं होती थी। उन्होंने बताया कि जिले में थाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। उसके लिए रेल अफसरों से पत्राचार किया जाएगा। निरीक्षण के समय थाना प्रभारी राम सहाय, उप निरीक्षक राजकुमार कनौजिया, करुणेश चंद्र शुक्ला, हरिनाथ यादव आदि मौजूद रहे।
अब रिपोर्ट दर्ज कराने को भटकना नहीं पड़ता
डीआईजी ने कहा कि किसी दूसरे स्टेशन पर हुई वारदात की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए यात्रियों को भटकना नहीं पड़ता है। अब तुरंत एफआईआर दर्ज कर मेल के जरिये संबंधित थाने को भेज दी जाती है, साथ ही वादी से इंस्पेक्टर की वार्ता कर संतुष्ट किया जाता है कि उसी के क्षेत्र में घटना हुई है। प्रदेश के बाहरी क्षेत्रों में उनके आईजी, एडीजी और एसपी को मेल के जरिये मुकदमे की कॉपी का आदान-प्रदान किया जाता है।