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चार शिक्षकों पर नौकरी बचाने की लटकी तलवार

Mon, 18 Apr 2016 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहजहांपुर
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 डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर विकास खंड कलान के परिषदीय स्कूलों में 16 अप्रैल को चलाए गए निरीक्षण अभियान में जो स्थिति अधिकारियों के सामने आई वह वाकई शर्मनाक कही जा सकती है। परिषदीय स्कूलों में छुटपुट शिक्षक-शिक्षिकाओं के अनुपस्थित रहने की बात तो आए दिन सामने आती ही रहती है, लेकिन स्कूलों का पूरा स्टाफ ही नदारद होकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने की निंदनीय स्थिति यदाकदा ही सामने आ पाती है। ऐसी स्थिति में विभागीय क्षेत्रीय अधिकारियों की मिली भगत से इंकार नहीं किया जा सकता। खास बात यह भी है कि एकल स्कूल बंद होना कोई बड़ी बात नहीं, लेकिन निरीक्षण में वे स्कूल भी बंद पाए गए, जिनमें तीन से चार शिक्षक तैनात हैं। इससे पता चलता है कि विभाग में बड़े पैमाने पर खेल चला आ रहा है। ऐसी स्थिति में शिक्षक ही नहीं, बल्कि संबंधित ब्लाक के विभागीय अधिकारी भी बराबर के ही दोषी हैं, इसकी पुष्टि भी समय-समय पर होती रही हैै और उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भी की जा चुकी है।
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निरीक्षण में ये स्कूल मिले बंद
निरीक्षण मेें प्राथमिक स्कूल देवड़ा बंद मिला, जिसमें इंचार्ज प्रधानाध्यापक शिवाजी गुप्ता, बृजपाल, डब्लू कुमार शिक्षक तैनात हैं। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल मदनपुर बंद मिला, दोनों स्कूलों में अनिल कुमार, सरिता यादव, आशुतोष शर्मा, आलोक शर्मा, संदीप कश्यप की तैनाती है। इसी तरह प्राथमिक स्कूल हरनोखा, गनेशपुर और उच्च प्राथमिक स्कूल खजुरी बंद पाए गए, जिनमें वीरभद्र प्रताप सिंह, प्रदीप तिवारी, शहनबाज सैफी, मुमताज खां, राम कुमार, प्रमोद कुमार, प्रवीण कुमार, राम पाल और मंजूबाला गौतम तैनात हैं।  
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ये गुरुजन लंबे अरसे से हैं अनुपस्थित
निरीक्षण में पता चला कि उच्च प्राथमिक विद्यालय सनाय के शिक्षक मंगलेश यादव 11 मई 2012 से कार्यभार ग्रहण करने के बाद से स्कूल आए ही नहीं, इसी तरह प्राथमिक स्कूल रठेली की हेड मास्टर सुष्मिता मिश्रा और शिक्षक देवेंद्र कुमार काफी समय से स्कूल नहीं आ रहे हैं और पूर्व माध्यमिक विद्यालय सहबेगपुर में मीनाक्षी गर्ग 22 सितंबर को कार्यभार ग्रहण करने के बाद आठ दिन ही स्कूल पहुंचीं और उसके बाद वह लगातार अनुपस्थित हैं।  
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0 ये शिक्षक-अनुदेशक भी मिले गैर हाजिर
बीएसए ने बताया कि निरीक्षण में विभिन्न स्कूलों के जो शिक्षक और अनुदेशक गैरहाजिर मिले हैं, उनमें पूनम सिंह, संजय प्रताप, विमला देवी, ललित सिंह, अनिरुद्ध सिंह यादव, कल्पना सिंह, विश्वदेव, रामनरेश, अजय प्रताप, कुलवंत सिंह, जितेंद्र सिंह, विशाल कुमार, रामबाबू मिश्रा, कृष्ण कुमार, प्रिमेश कुमार, मो. साजिद, दया शंकर, रजनी शर्मा, संजय कुमार राम, सतेंद्र कुमार, राज कुमार, राजेंद्र कुमार पाल, विजेंद्र भारती, अजहरुद्दीन, राजवीर सिंह, रघुवीर सहाय, हरेंद्र सिंह, मनोज कुमार, अनीश कुमार, राकेश कुमार, अंजु लता यादव, पिंकी गुप्ता, अवनीश गुप्ता, शारदा प्रसाद, प्रशांत मणि त्रिपाठी, तोषी सिंह, लालाराम, संजय सिंह, आशीष द्विवेदी, रविंद्र सिंह, ब्रह्मदत्त, राजेश कुमार, बृजेश दीक्षित, सुनील कुमार आदि शामिल हैं।
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वेतन काटने, निलंबन और सेवा समाप्ति की चल रही कार्रवाई
निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए 45 प्रधानाध्यापकों, सहायक अध्यापकों और अनुदेशकों का एक माह का वेतन काटने, बंद पाए गए स्कूलों के प्रधान अध्यापकों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई करने हुए उनके निलंबन करने की कार्रवाई और शेष स्टाफ का एक माह का वेतन काटने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा लगातार अनुपस्थित चलने वाले मंगलेश यादव, सुष्मिता मिश्रा, देवेंद्र कुमार और मीनाक्षी गर्ग को सेवा समाप्ति का नोटिस भेजा जा रहा है। कलान के खंड शिक्षा शिक्षा अधिकारी अनुज सक्सेना के विरुद्ध पहले भी शिकायतें मिली थीं और वह कुछ मामलों में दोषी भी पाए जा चुके हैं, जिसमें उनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति पहले से ही लंबित है। अब नए आरोपों को शामिल करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति परिषद को की जा रही है। 
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राकेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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